European Union ने X और AI Chatbot Grok के खिलाफ जांच शुरू की, Sexual Deepfake Images पर मचा बवाल
European Union (EU) ने सोमवार को Elon Musk के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के खिलाफ एक औपचारिक जांच शुरू की है।
यह जांच इसलिए शुरू हुई क्योंकि X के AI chatbot Grok ने प्लेटफॉर्म पर बिना सहमति के sexual deepfake images फैलाईं।
Deepfake विवाद क्या है?
Grok के AI image generation और editing tools का इस्तेमाल करके कुछ यूज़र्स ने:
- लोगों की नग्न (nude) या अश्लील तस्वीरें बनाई
- महिलाओं को transparent bikini या revealing clothes में दिखाया
- कुछ मामलों में बच्चों की तस्वीरें भी सामने आईं
इन तस्वीरों को बनाने से पहले संबंधित लोगों की कोई अनुमति (consent) नहीं ली गई थी।
इसी वजह से दुनिया भर में इसका जोरदार विरोध हुआ।
EU को क्या आपत्ति है?
EU की Executive Body (European Commission) यह जांच कर रही है कि:
- क्या X ने अपने प्लेटफॉर्म पर
manipulated sexually explicit images
जैसे illegal content को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए या नहीं
EU ने साफ कहा है कि:
- इसमें Child Sexual Abuse Material (CSAM) भी शामिल हो सकता है
- इससे EU के नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों, को गंभीर नुकसान हो रहा है
Digital Services Act (DSA) क्या है?
EU यह जांच Digital Services Act (DSA) के तहत कर रहा है।
DSA एक बड़ा कानून है जिसका मकसद:
- Internet users को harmful content
- और dangerous products से सुरक्षित रखना है
EU देखेगा कि:
- क्या Grok और X, DSA के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं
X का क्या जवाब है?
X की तरफ से एक प्रवक्ता ने कहा:
- कंपनी X को safe platform बनाना चाहती है
- Child sexual abuse, non-consensual nudity, और
unwanted sexual content के लिए X की zero tolerance policy है
14 जनवरी को X ने यह भी कहा था कि:
- वह लोगों को bikini, underwear या revealing clothes में दिखाने की अनुमति
सिर्फ उन्हीं जगहों पर बंद करेगा, जहाँ यह illegal है
EU की Vice President ने क्या कहा?
EU Commission की Executive Vice President Henna Virkkunen ने कहा:
“महिलाओं और बच्चों की बिना सहमति के बनाई गई sexual deepfake images
एक हिंसक और पूरी तरह अस्वीकार्य अपमान है।”
उन्होंने आगे कहा:
- इस जांच से यह तय होगा कि
X ने DSA के तहत अपनी legal responsibility निभाई है या नहीं - या फिर उसने EU के नागरिकों के अधिकारों को नजरअंदाज किया है
Grok को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?
- xAI (Elon Musk की AI company) ने
पिछले साल Grok का image tool लॉन्च किया - पिछले महीने Grok ने:
- दूसरों की तस्वीरों को modify करने की हजारों requests मंजूर कर दीं
यह विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि:
- Elon Musk Grok को कम safety rules वाला bold AI बताते हैं
- X पर Grok के जवाब publicly visible होते हैं
- इसलिए गलत कंटेंट तेजी से फैल जाता है
EU जांच किन पर लागू है?
- EU की यह जांच सिर्फ X platform पर Grok की service तक सीमित है
- Grok की website या standalone app इस जांच में शामिल नहीं हैं
- क्योंकि DSA केवल बहुत बड़े online platforms पर लागू होता है
आगे क्या हो सकता है?
- इस जांच को पूरा करने की कोई तय समय सीमा नहीं है
- मामला:
- X के सुधार के वादे पर खत्म हो सकता है
- या फिर भारी जुर्माने (huge fine) के साथ
X पर पहले भी जुर्माना लग चुका है
- दिसंबर में EU ने X पर 120 million euro का जुर्माना लगाया था
- वजह:
- Blue checkmark जैसी सुविधाएं
- जो fraudulent design practices मानी गईं
- इससे users को scam और manipulation का खतरा था
EU, Grok द्वारा antisemitic content बनाने के आरोपों पर भी X की जांच कर रहा है।
किन देशों ने Grok पर बैन लगाया?
- Malaysia और Indonesia
- Grok को block करने वाले पहले देश बने
- बाद में Malaysia ने:
- अतिरिक्त safety measures लागू होने के बाद
- अस्थायी प्रतिबंध हटा दिया
Malaysia के regulators ने कहा:
- वे X के अधिकारियों से मिले हैं
- और स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे
“News Sources:- AI and other news portal ”
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