Horse-trading की आशंका ; झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा
Horse-trading : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। नामांकन और मतदान से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो चुका है। कांग्रेस विधायक Deepika Pandey Singh ने भारतीय जनता पार्टी पर हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताते हुए कहा है कि इंडिया गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। वहीं भाजपा के चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
अब सवाल उठता है कि आखिर हॉर्स ट्रेडिंग (Horse_trading)क्या होती है?
राजनीति में हॉर्स ट्रेडिंग उस स्थिति को कहा जाता है जब किसी दल पर यह आरोप लगे कि वह सत्ता या चुनावी फायदा पाने के लिए दूसरे दलों के विधायकों या सांसदों को लालच, दबाव या अन्य माध्यमों से अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि ऐसे आरोप अक्सर राजनीतिक दल एक-दूसरे पर लगाते हैं, लेकिन इन्हें साबित करना अलग बात होती है। इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
Horse-trading की आशंका ;
- झारखंड राज्यसभा चुनाव का गणित क्या कहता है?
- झारखंड विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं।
- इस चुनाव में 2 राज्यसभा सीटों पर मतदान होना है।
- एक उम्मीदवार को जीत के लिए 28 वोट चाहिए।
- सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन के पास लगभग 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं।
- गठबंधन में जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और सीपीआई(एमएल) के 2 विधायक हैं।
- दूसरी ओर एनडीए के पास करीब 24 विधायक हैं।
- Horse-trading की आशंका ;
इन दो सीटों में से एक सीट Shibu Soren के निधन के बाद खाली हुई है, जबकि दूसरी सीट पर भाजपा नेता Deepak Prakash का कार्यकाल पूरा हो रहा है। मतदान 18 जून को प्रस्तावित है।
यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव से पहले हॉर्स ट्रेडिंग की चर्चा फिर से सुर्खियों में है। जेएमएम ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर संभावित खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है, जबकि भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बता रही है।
फिलहाल झारखंड की राजनीति में सबकी नजर इन दो राज्यसभा सीटों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि संख्या बल जीतता है या फिर राजनीतिक रणनीति कोई नया मोड़ लेकर आती है।
इस भी पढ़ सकते हैं :-
Tuti Jharna Mandir :