अभिषेक बनर्जी पर 300 करोड़ के अवैध मिट्टी खनन और तस्करी का आरोप, 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ करीब 300 करोड़ रुपये के कथित अवैध मिट्टी खनन और तस्करी मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और विपक्षी दल भाजपा ने इसे लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भाजपा नेता ने दर्ज कराई शिकायत
भाजपा नेता और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अभिजीत विश्वास उर्फ बॉबी ने डायमंड हार्बर के कालीतला आशुलिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई वर्षों से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से मिट्टी काटकर उसकी बिक्री की गई, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ और पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंची।
23 लोगों के नाम FIR में शामिल
शिकायत के अनुसार, इस मामले में केवल अभिषेक बनर्जी ही नहीं बल्कि उनके करीबी सहयोगी सुमित राय, विष्णुपुर के जेल में बंद तृणमूल विधायक दिलीप मंडल समेत कुल 23 लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं। आरोप है कि वर्ष 2017 से चरणबद्ध तरीके से लगभग 163 बीघा जमीन से मिट्टी की अवैध खुदाई की गई और उसकी तस्करी की गई।
भाजपा नेता का दावा है कि इस कथित अवैध कारोबार की अनुमानित कीमत 300 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2022 और 2023 के दौरान यह गतिविधि अपने चरम पर थी।
सैटेलाइट तस्वीरों का दावा
शिकायत को मजबूत करने के लिए अभिजीत विश्वास ने पुलिस को सैटेलाइट तस्वीरें भी सौंपी हैं। उनका कहना है कि इन तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की गई। उनके अनुसार, इस अवैध खनन से भूमि की संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचा है और भविष्य में स्थानीय लोगों को भूमि क्षरण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन पर भी उठे सवाल
भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि इस मुद्दे को पहले भी कई बार उठाया गया था, लेकिन तत्कालीन पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती, तो पर्यावरण और सरकारी राजस्व को होने वाले नुकसान को रोका जा सकता था।
राजनीतिक असर क्या होगा?
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। विपक्ष इस मुद्दे को भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता से जोड़कर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
यदि जांच एजेंसियां आरोपों की पुष्टि करती हैं, तो यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। दूसरी ओर, जांच पूरी होने तक इन आरोपों को केवल शिकायतकर्ता के दावे के रूप में देखा जाएगा।
निष्कर्ष
300 करोड़ रुपये के कथित अवैध मिट्टी खनन और तस्करी मामले में दर्ज एफआईआर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस मामले का राजनीतिक भविष्य क्या होगा।
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