Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी में भक्ति और आस्था के बीच शुरू हुई विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा
ओडिशा के पुरी में गुरुवार सुबह विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ हो गया। आस्था के इस महापर्व में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे हैं। भगवान जगन्नाथ के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
सुबह मंगला आरती, स्नान, श्रृंगार और अन्य पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को पाहंडी बीजे परंपरा के तहत गर्भगृह से बाहर लाया गया। इसके बाद तीनों विग्रहों को उनके निर्धारित रथों पर विधि-विधान के साथ विराजमान कराया गया।
रथ यात्रा के दौरान पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ अनुष्ठान भी संपन्न हुआ। इस रस्म में पुरी के गजपति महाराज ने सेवक का स्वरूप धारण कर सोने की झाड़ू से तीनों रथों की प्रतीकात्मक सफाई की। यह परंपरा सेवा, समर्पण और समानता का संदेश देती है।
यात्रा की शुरुआत के दौरान हुई हल्की बारिश को श्रद्धालुओं ने शुभ संकेत माना। मान्यता है कि रथ यात्रा के दिन वर्षा होना भगवान जगन्नाथ की कृपा और प्रसन्नता का प्रतीक माना जाता है।
सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष, भगवान बलभद्र के तालध्वज और देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथों को खींचने का सिलसिला शुरू हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने मोटी रस्सियों को थामकर पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ रथों को आगे बढ़ाया। तीनों रथ अब गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान कर चुके हैं।
रथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस बल, आपदा प्रबंधन टीमों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है।
हर वर्ष आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा देश के सबसे बड़े और ऐतिहासिक धार्मिक आयोजनों में शामिल है। इस पावन अवसर पर देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों से भी श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं।
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