Assam Flood News: असम में बाढ़ से 80 लोगों की मौत, 1.92 लाख प्रभावित; गौतम अडानी ने ₹11 करोड़ और कार्तिक आर्यन ने ₹1 करोड़ दिए
असम में बाढ़ का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण राज्य के कई इलाकों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) की 31 जुलाई तक की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। वहीं, करीब 1.93 लाख लोग अब भी इस आपदा से प्रभावित हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं, जबकि किसानों की बड़ी संख्या अपनी फसलों के नुकसान से परेशान है।
5 जिलों में सबसे ज्यादा असर
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, असम के पांच जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और चराइदेव शामिल हैं। राज्य के 17 रेवेन्यू सर्कल और 379 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित चराइदेव जिला है, जहां 77,456 लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं। इसके अलावा शिवसागर में 63,492 और जोरहाट में 34,067 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है, लेकिन कई इलाकों में पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
दो नई मौतों के बाद आंकड़ा 80 पहुंचा
DRIMS की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों में बाढ़ से दो और लोगों की मौत हुई है। इनमें एक व्यक्ति शिवसागर और दूसरा चराइदेव जिले का निवासी था। इससे पहले 30 जुलाई तक राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 78 थी, जो अब बढ़कर 80 हो गई है।
राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
कृषि पर भी पड़ा बड़ा असर
बाढ़ का सबसे ज्यादा नुकसान कृषि क्षेत्र को हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 15,430 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी जलमग्न है। धान और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे हजारों किसानों की आजीविका प्रभावित हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पानी जल्द नहीं उतरा तो फसलों का नुकसान और बढ़ सकता है, जिसका असर आने वाले समय में किसानों की आय पर भी पड़ेगा।
मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹11 करोड़ का योगदान
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्योगपति गौतम अडानी द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने पर आभार जताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक सहयोग बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और पुनर्वास कार्यों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत कोष में मिलने वाली प्रत्येक राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाएगा।
कार्तिक आर्यन ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन ने भी असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनके इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे योगदान आपदा के समय प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं और समाज में सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने भी किया सहयोग का ऐलान
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने भी असम बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आर्थिक सहयोग देने की घोषणा की है।
संगठन के राष्ट्रीय संयोजक शाहिद सईद ने बताया कि कोर टीम की बैठक में मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान देने और प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयासों को तेज करने का निर्णय लिया गया है।
राहत और पुनर्वास पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं पुनर्वास कार्य लगातार जारी हैं। प्रशासन प्रभावित परिवारों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में जुटा है। साथ ही नुकसान का आकलन कर भविष्य की पुनर्वास योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
हालांकि, मौसम की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। यदि भारी बारिश जारी रहती है तो प्रभावित क्षेत्रों में चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।
असम में बाढ़ ने एक बार फिर हजारों परिवारों की जिंदगी को प्रभावित किया है। जान-माल के नुकसान के साथ-साथ खेती और आजीविका पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। ऐसे समय में सरकार, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही आर्थिक सहायता राहत कार्यों को मजबूती दे रही है। अब लोगों की उम्मीद इस बात पर टिकी है कि जल्द हालात सामान्य हों और प्रभावित परिवार अपने जीवन को फिर से पटरी पर ला सकें।
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