Virat Kohli International Debut: 18 साल का सफर, 85 शतक और रिकॉर्ड्स की लंबी लिस्ट, ऐसे बने ‘किंग कोहली’
Virat Kohli International Debut: 18 अगस्त 2008 भारतीय क्रिकेट के इतिहास की उन खास तारीखों में शामिल है, जब टीम इंडिया को विराट कोहली के रूप में एक ऐसा सितारा मिला, जिसने आने वाले वर्षों में क्रिकेट के कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। इसी दिन विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। पहले मुकाबले में उनके बल्ले से सिर्फ 12 रन निकले, लेकिन इसके बाद शुरू हुआ सफर उन्हें दुनिया के महान बल्लेबाजों में शामिल करने वाला साबित हुआ।
18 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी, फिटनेस, आक्रामक अंदाज और मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता से अलग पहचान बनाई। 2008 में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने वाले कोहली ने जल्द ही सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की की और देखते ही देखते भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए।
18 अगस्त, जर्सी नंबर 18 और 18 साल का खास कनेक्शन
विराट कोहली के करियर में नंबर 18 बेहद खास रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका डेब्यू भी 18 अगस्त को हुआ और उनकी जर्सी का नंबर भी 18 है। 2026 में उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को 18 साल पूरे हो गए हैं। यही वजह है कि इस खास मौके पर उनके शानदार करियर और रिकॉर्ड्स की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
डेब्यू के समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि सिर्फ 12 रन की उस पहली पारी के बाद यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 85 शतक और हजारों रन बनाने वाला बल्लेबाज बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 85 शतक
विराट कोहली के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 85 शतक दर्ज हैं। टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से कई यादगार पारियां खेली हैं। खासतौर पर दबाव वाले मुकाबलों में रन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के महान बल्लेबाजों की कतार में खड़ा किया।
उनकी बल्लेबाजी का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी निरंतरता रही है। वह लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए रन बनाते रहे और कई मौकों पर मुश्किल परिस्थितियों में मैच का रुख बदल दिया।
क्रिकेट फैंस की नजर अब उनके अगले बड़े मुकाम पर भी है। 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का आंकड़ा सचिन तेंदुलकर के बाद क्रिकेट की दुनिया में सबसे चर्चित उपलब्धियों में से एक है।
एक दशक में 20 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन
विराट कोहली की निरंतरता का अंदाजा इस रिकॉर्ड से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 2010 से 2019 के बीच 20 हजार से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 57 से ज्यादा रहा और उन्होंने बड़ी संख्या में शतक और अर्धशतक लगाए।
वनडे क्रिकेट में भी कोहली का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। गैर-ओपनर बल्लेबाज के तौर पर उन्होंने कई बार 150 से ज्यादा रन की पारी खेली है। इस मामले में उनका नाम विव रिचर्ड्स और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गजों के साथ लिया जाता है।
2018 रहा करियर का सबसे शानदार दौर
विराट कोहली के करियर में 2018 का साल बेहद खास माना जाता है। इस साल उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उनके बल्ले से 11 शतक निकले और उन्होंने टेस्ट तथा वनडे दोनों फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया।
उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें एक ही साल में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। कोहली ने ICC Cricketer of the Year (Sir Garfield Sobers Trophy), ICC Test Player of the Year और ICC ODI Player of the Year का पुरस्कार हासिल किया।
विराट कोहली के प्रमुख पुरस्कार
- 🏆 ICC Cricketer of the Year – 2017 और 2018
- 🏆 ICC Test Player of the Year – 2018
- 🏆 ICC ODI Player of the Year – 2012, 2017 और 2018
- 🏆 ICC Men’s Test Team of the Year – कई बार
- 🏆 ICC Men’s ODI Team of the Year – कई बार
- 🏆 Rajiv Gandhi Khel Ratna Award – 2018
- 🏆 Arjuna Award – 2013
- 🏆 Padma Shri – 2017
इन पुरस्कारों ने यह साबित किया कि कोहली सिर्फ आंकड़ों के मामले में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रभाव के मामले में भी कितने खास रहे हैं।
वनडे में ‘चेज मास्टर’ की पहचान
विराट कोहली को वनडे क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करने के मामले में दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिना जाता है। मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए उनकी बल्लेबाजी ने कई बार भारत को जीत दिलाई है।
उनके अंतरराष्ट्रीय शतकों का बड़ा हिस्सा भारत की जीत में आया है। वनडे में उनके 54 शतकों में से बड़ी संख्या टीम इंडिया की जीत में आई। यही वजह है कि फैंस उन्हें अक्सर ‘चेज मास्टर’ के नाम से भी याद करते हैं।
दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान भी कोहली का बल्ला जमकर चला था। उन्होंने लगातार 10 वनडे पारियों में 995 रन बनाए, जिसमें पांच शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। इसी दौर में वह 10 हजार वनडे रन तक सबसे तेजी से पहुंचने वाले बल्लेबाजों में शामिल हुए।
टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतकों का रिकॉर्ड
विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके नाम सात दोहरे शतक हैं और कप्तान के तौर पर इतने दोहरे शतक लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम रहा है।
उन्होंने वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में दोहरे शतक लगाए। अलग-अलग टीमों के खिलाफ दोहरे शतक लगाने की इस उपलब्धि ने उनके टेस्ट करियर को और खास बनाया।
टेस्ट क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी ने भी भारतीय क्रिकेट को एक नई पहचान दी। फिटनेस और आक्रामक क्रिकेट पर जोर देने के कारण कोहली के कप्तानी दौर को भारतीय टेस्ट क्रिकेट के महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है।
टी20 विश्व कप में भी विराट का दबदबा
टी20 क्रिकेट में भी विराट कोहली का प्रदर्शन लंबे समय तक शानदार रहा है। टी20 विश्व कप में उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं और भारत के लिए मैच विजेता की भूमिका निभाई।
टी20 विश्व कप में कोहली के नाम 1,292 रन दर्ज हैं। उनकी सबसे खास उपलब्धियों में से एक यह भी है कि जब भी वह टी20 विश्व कप मुकाबले में नाबाद रहे, भारत को जीत मिली। दबाव वाले मुकाबलों में उनकी बल्लेबाजी ने कई बार टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
IPL में भी लगातार शानदार प्रदर्शन
इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL में भी विराट कोहली ने लंबे समय तक अपनी निरंतरता बनाए रखी है। वह कई सीजन में 500 या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए कोहली ने कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी बल्लेबाजी, फिटनेस और मैदान पर आक्रामक ऊर्जा ने उन्हें IPL के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटरों में शामिल किया।
लगातार शतकों का खास रिकॉर्ड
वनडे क्रिकेट में विराट कोहली ने लगातार दो पारियों में शतक लगाने की उपलब्धि कई बार हासिल की है। उनकी निरंतरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने वनडे में लगातार दो पारियों में शतक लगाने का रिकॉर्ड 12 बार बनाया है।
एक बार फॉर्म में आने के बाद लगातार बड़ी पारियां खेलने की उनकी क्षमता उन्हें दूसरे बल्लेबाजों से अलग बनाती है। यही कारण है कि पिछले डेढ़ दशक में दुनिया के कई गेंदबाजों के लिए कोहली सबसे बड़ी चुनौती बने रहे हैं।
तीनों फॉर्मेट में शानदार औसत
विराट कोहली की एक और खास उपलब्धि उनका बल्लेबाजी औसत है। तीनों फॉर्मेट को मिलाकर उनका अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी औसत 50 से ज्यादा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शीर्ष रन स्कोररों में यह उपलब्धि उन्हें खास बनाती है। बड़ी संख्या में रन बनाने के साथ-साथ इतने लंबे समय तक उच्च औसत बनाए रखना उनकी निरंतरता को दर्शाता है।
प्लेयर ऑफ द सीरीज में भी आगे
विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 22 बार प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीता है। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 20 पुरस्कारों को भी पीछे छोड़ा है।
यह रिकॉर्ड बताता है कि कोहली सिर्फ एक-दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी नहीं रहे, बल्कि पूरी सीरीज के दौरान लगातार टीम के लिए अहम योगदान देते रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर के 100 शतकों के रिकॉर्ड पर नजर
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना क्रिकेट में लंबे समय से होती रही है। सचिन के नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज है। वहीं कोहली 85 अंतरराष्ट्रीय शतकों के साथ इस आंकड़े के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
हालांकि रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण कोहली की अपनी विरासत है। उन्होंने अपनी फिटनेस, अनुशासन, आक्रामक क्रिकेट और जीत के जुनून से भारतीय क्रिकेट की एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया है।
18 साल बाद भी क्यों खास हैं विराट कोहली?
18 अगस्त 2008 को 12 रन की पारी से शुरू हुआ विराट कोहली का अंतरराष्ट्रीय सफर 18 साल बाद रिकॉर्ड्स, पुरस्कारों और यादगार पारियों की लंबी कहानी बन चुका है।
85 अंतरराष्ट्रीय शतक, हजारों रन, कई मैच जिताऊ पारियां, ICC Cricketer of the Year, ICC Test Player of the Year, ICC ODI Player of the Year, Rajiv Gandhi Khel Ratna, Arjuna Award और Padma Shri जैसे सम्मान उनकी उपलब्धियों को और खास बनाते हैं।
विराट कोहली की कहानी सिर्फ एक क्रिकेटर के रिकॉर्ड्स की कहानी नहीं है। यह मेहनत, फिटनेस, अनुशासन, आत्मविश्वास और लगातार बेहतर करने की कोशिश की कहानी है। 12 रन के डेब्यू से लेकर क्रिकेट की दुनिया के सबसे बड़े सितारों में शामिल होने तक का उनका सफर बताता है कि क्यों करोड़ों क्रिकेट फैंस उन्हें प्यार से ‘किंग कोहली’ कहते हैं।
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