Khelo India Dialogue 2026: पीएम मोदी का युवा खिलाड़ियों से संवाद, बोले- ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’, 2036 ओलंपिक पर बड़ा फोकस
Khelo India Dialogue 2026: राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों से वर्चुअली संवाद किया। ‘खेलो इंडिया डायलॉग- खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित किया और भारत की 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर भी अपनी बात रखी।
पीएम मोदी ने युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा।” उन्होंने कहा कि खेल में सफलता का मतलब केवल मैदान पर जीत या पदक हासिल करना नहीं है। जब कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करता है तो उसके साथ उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज, जिले और राज्य की पहचान भी मजबूत होती है।
2036 ओलंपिक की तैयारी अभी से जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर भारत को 2036 ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करना है तो इसकी तैयारी आखिरी समय में नहीं, बल्कि अभी से शुरू करनी होगी। इसके लिए कम उम्र में ही बच्चों की खेल प्रतिभा पहचानकर उन्हें सही दिशा में प्रशिक्षण देना जरूरी है।
पीएम मोदी ने खास तौर पर 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा पहचानने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टैलेंट हब जैसे कार्यक्रमों को मजबूत करके प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
सिर्फ कुछ खेलों तक सीमित नहीं रह सकता भारत
पीएम मोदी ने भारत की मेडल टैली बढ़ाने के लिए खेलों का दायरा बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत केवल कुछ चुनिंदा खेलों में बेहतर प्रदर्शन करके अपनी ओलंपिक पदक संख्या को बहुत आगे नहीं ले जा सकता।
ओलंपिक में शामिल कई ऐसे खेल हैं, जिनमें दूसरे देश लगातार पदक जीत रहे हैं, लेकिन भारत की मौजूदगी अभी सीमित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ज्यादा से ज्यादा खेलों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने और हर खेल में उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में काम करना होगा।
1,500 से ज्यादा संस्थानों में हुआ कार्यक्रम
खेलो इंडिया डायलॉग 2026 देशभर के 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों में वर्चुअली आयोजित किया जा रहा है। इसमें IIT, IIM, AIIMS, प्रमुख मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय भी शामिल हैं।
इस दौरान अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से युवा खिलाड़ियों और एथलीटों ने प्रधानमंत्री के साथ संवाद किया और खेल से जुड़े अनुभव साझा किए।
खिलाड़ियों के लिए बेहतर स्पोर्ट्स इकोसिस्टम पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में खेलों को लेकर समाज की सोच तेजी से बदल रही है। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करने पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि हर बच्चे की क्षमता अलग होती है। इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए अधिक उपयुक्त है। इसके बाद उसकी प्रतिभा को उसी खेल में सही प्रशिक्षण और सुविधाओं के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
खिलाड़ी की सफलता से बढ़ती है पूरे क्षेत्र की पहचान
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि किसी एथलीट की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती। उसके प्रदर्शन से परिवार का गौरव बढ़ता है और स्कूल-कॉलेज को पहचान मिलती है। इसके साथ ही उसका जिला और राज्य भी देश-दुनिया में अपनी पहचान बना सकता है।
कई बार किसी शहर या राज्य की पहचान वहां के बेहतरीन खिलाड़ियों के कारण भी बनने लगती है। यही वजह है कि युवाओं को खेलों से जोड़ना देश के लिए व्यापक स्तर पर महत्वपूर्ण है।
मेजर ध्यानचंद को किया याद
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी याद किया। उन्होंने भारत और न्यूजीलैंड के बीच करीब 100 साल पुराने खेल संबंधों का जिक्र किया।
पीएम मोदी ने बताया कि लगभग एक सदी पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा किया था और उस टीम का हिस्सा मेजर ध्यानचंद भी थे। उनके योगदान और भारतीय हॉकी में उनकी भूमिका को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं को खेलों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
2036 ओलंपिक के लिए भारत की बड़ी तैयारी
‘खेलो इंडिया डायलॉग’ में पीएम मोदी का संदेश साफ रहा कि भारत को 2036 ओलंपिक के लिए लंबी अवधि की तैयारी करनी होगी। कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान, बेहतर प्रशिक्षण, ज्यादा खेलों में भागीदारी और मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम के जरिए भारत अपनी ओलंपिक पदक क्षमता को बढ़ा सकता है।
राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 पर युवा खिलाड़ियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री का “जो खेलेगा, वो खिलेगा” संदेश देश के युवाओं को खेलों से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाई देने की प्रेरणा देता है।
इसे भी पढ़े :-
WTC में ऋषभ पंत का बड़ा मुकाम, शुभमन गिल को पीछे छोड़ बने भारत के नंबर-1 बल्लेबाजVirat Kohli International Debut: 18 साल का सफर, 85 शतक और रिकॉर्ड्स की लंबी लिस्ट, ऐसे बने ‘किंग कोहली’ |