The Palash NewsThe Palash News
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
      • राँची
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri
Notification Show More
Latest News
UPTET 2026 Application Started Today: आज से शुरू हुए आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया, योग्यता, परीक्षा तिथि और जरूरी जानकारी
UPTET 2026 Application Started Today: आज से शुरू हुए आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया, योग्यता, परीक्षा तिथि और जरूरी जानकारी
शिक्षा/कैरियर ताजा खबर
ntet-2026-ayush-and-homoeopathy-admission
NTET 2026: AYUSH और Homoeopathy शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा, जानें आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और परीक्षा पैटर्न
शिक्षा/कैरियर ताजा खबर
UP Cooperative Bank Recruitment 2026: 100+ पदों पर भर्ती
UP Cooperative Bank Recruitment 2026: 100+ पदों पर भर्ती, 15 अप्रैल तक करें आवेदन
शिक्षा/कैरियर ताजा खबर
Jharkhand B.Ed/M.Ed/B.P.Ed Entrance Exam 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, परीक्षा अब 10 मई को होगी
Jharkhand B.Ed/M.Ed/B.P.Ed Entrance Exam 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, परीक्षा अब 10 मई को होगी
शिक्षा/कैरियर ताजा खबर
kvs-nvs-recruitment-2026-tier-1-result-out-tier-2-exam-dates-announced
KVS–NVS Recruitment 2026: Tier-1 Result Out, Tier-2 Exam Dates घोषित – 27 से 31 मार्च तक होगी परीक्षा
शिक्षा/कैरियर ताजा खबर
Aa
Aa
The Palash NewsThe Palash News
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • खेल
  • तकनीकी
  • पर्व/त्योहार
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यापार
  • शिक्षा/कैरियर
  • सरकारी योजना
  • Motivational Talk
  • वेबस्टोरीज
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri
Follow US
झारखंडताजा खबरपर्व/त्योहारराँची

Karma Parva : Festival of Nature and Love

sonukachap
Last updated: 2025/09/03 at 10:43 AM
sonukachap
Share
9 Min Read
Karma Parva
Karma Parva
SHARE

Karma Parva : Festival of Nature and Love

Karma Parva : प्रकृति और प्रेम का  त्योहार

भारत का दिल कहे जाने वाले झारखंड की पहचान केवल जंगल, पहाड़ और खनिजों से नहीं है, बल्कि यहाँ की मिट्टी में बसते हैं गीत, नृत्य और त्योहार। इन्हीं में से सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है करमा पर्व। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक दर्शन है। इसमें प्रकृति, भाई-बहन का रिश्ता, सामूहिक एकता और कृषि जीवन के संघर्ष–सुख सबकुछ एक साथ झलकते हैं।

Contents
Karma Parva : Festival of Nature and Love Karma Parva : प्रकृति और प्रेम का  त्योहारKarma Parva : करमा पर्व की पृष्ठभूमिनाम क्यों पड़ा “करमा” ?Karma Parva : कब और क्यों मनाया जाता है?Karma Parva : त्योहार की तैयारियाँKarma Parva : करमा पर्व की मुख्य रस्मेंKarma Parva : करमा की कथाएँ (लोककथाएँ)Karma Parva : करमा नृत्यKarma Parva : सामाजिक और सांस्कृतिक महत्वKarma Parva : आधुनिक समय में करमा पर्वKarma Parva :  करमा पर्व का संदेश

Karma Parva : करमा पर्व की पृष्ठभूमि

करमा पर्व आदिवासी समाज का त्योहार है, खासकर झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, मध्यप्रदेश और बंगाल के कुछ हिस्सों में इसे बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व हजारों वर्षों से लोकजीवन का हिस्सा रहा है।

आदिवासी जीवन की जड़ें हमेशा से प्रकृति में रही हैं। उनका मानना है कि पेड़, पहाड़, नदी, चाँद, सूरज — सब जीवित हैं और इंसान की तरह उनका भी सम्मान होना चाहिए। करमा पर्व इसी सोच का सबसे सुंदर उदाहरण है।

नाम क्यों पड़ा “करमा” ?

इस पर्व का नाम पड़ा है करम वृक्ष (Karam Tree / Kadamba Tree) के कारण।
आदिवासी परंपरा में करम वृक्ष को जीवन का रक्षक माना जाता है। मान्यता है कि जैसे यह वृक्ष अपनी हरियाली और छाँव से सबको सुरक्षा देता है, वैसे ही यह देवता इंसानों को सुख-समृद्धि देते हैं।

Karma Parva : कब और क्यों मनाया जाता है?

करमा पर्व आमतौर पर भाद्रपद (भादो) मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। यह समय खेती के लिए भी अहम होता है क्योंकि बरसात का मौसम चल रहा होता है और धान की फसल खेतों में लहलहा रही होती है।

इस समय किसान प्रार्थना करते हैं कि उनकी मेहनत सफल हो, फसल अच्छी हो, परिवार और गांव खुशहाल रहें।

Karma Parva : त्योहार की तैयारियाँ

करमा पर्व कोई एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। इसके लिए पूरा गांव हफ्तों पहले से तैयारी करता है।

  • घर की सफाई और सजावट
    महिलाएँ घर को साफ करती हैं, दीवारों को मिट्टी और गोबर से लीपती हैं। यह परंपरा स्वच्छता और पवित्रता का प्रतीक है।
  • गीत और नृत्य की तैयारी
    युवतियाँ और युवा पहले से ही करमा गीत और नृत्य की रिहर्सल करते हैं। रात को ढोल-नगाड़े और मंद्र के साथ गाना-बजाना चलता है।
  • सामूहिक योगदान
    हर परिवार इस पर्व में कुछ न कुछ अर्पित करता है — चाहे वह अनाज हो, फल हो या श्रम।

Karma Parva : करमा पर्व की मुख्य रस्में

(क) करम डाल लाना

करमा पर्व की सबसे खास परंपरा है करम डाल लाना।
त्योहार वाले दिन गांव के युवक जंगल जाते हैं। वहाँ से वे करम वृक्ष की डालियाँ काटकर लाते हैं। यह कोई साधारण डाल नहीं होती, इसे पूरे सम्मान और श्रद्धा से लाया जाता है।

जंगल से लौटते समय वे गीत गाते हैं, ढोल-नगाड़ा बजाते हैं और मानो पूरे जंगल को बता रहे हों कि आज करमा देवता गांव में पधार रहे हैं।

(ख) डाल की स्थापना

गांव के बीचोंबीच या किसी खुले स्थान पर मिट्टी का गड्ढा खोदकर करम डाल गाड़ा जाता है। उसके चारों ओर सजावट की जाती है और महिलाएँ वहाँ धागा बांधती हैं। यह धागा भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती का प्रतीक है।

Karma Parva
Karma Parva

(ग) पूजा-अर्चना

शाम को पूरे गांव के लोग इकट्ठे होते हैं।

  • महिलाएँ करमा गीत गाते हुए करम डाल के चारों ओर परिक्रमा करती हैं।
  • पुजारी (जिन्हें “पाहन” कहा जाता है) पूजा करते हैं।
  • इसमें अनाज, फूल, दूध, जौ, धान आदि चढ़ाया जाता है।

(घ) करमा गीत और कथा

पूजा के दौरान महिलाएँ और लड़कियाँ करमा गीत गाती हैं। ये गीत केवल धार्मिक नहीं, बल्कि प्रेम, भाई-बहन के रिश्ते, प्रकृति और जीवन के संघर्ष को भी दर्शाते हैं।

साथ ही करमा पर्व की कथाएँ भी सुनाई जाती हैं, जिनमें यह बताया जाता है कि कैसे करम देवता ने जीवन की रक्षा की।

Karma Parva : करमा की कथाएँ (लोककथाएँ)

इस पर्व से जुड़ी कई कहानियाँ प्रचलित हैं। उनमें से एक बहुत लोकप्रिय है:

कहते हैं कि तीन भाई रहते थे। सबसे छोटा भाई मेहनती और ईमानदार था, पर बड़े भाई आलसी और लालची। एक दिन सबसे छोटे भाई ने करम देवता की पूजा की, लेकिन बड़े भाइयों ने उसका मजाक उड़ाया। गुस्से में आकर बड़े भाइयों ने करम डाल को पानी में फेंक दिया। इससे उनके घर पर विपत्ति आ गई, फसल नष्ट हो गई, पशु मर गए, परिवार में बीमारी फैल गई।

तब छोटे भाई ने करम देवता से क्षमा मांगी और फिर से पूजा की। उसके बाद घर में सुख-समृद्धि लौट आई।
यह कहानी हमें सिखाती है कि प्रकृति का अपमान करने पर जीवन कठिन हो जाता है, लेकिन उसका सम्मान करने से खुशहाली मिलती है।

Karma Parva : करमा नृत्य

पूजा के बाद असली रंग शुरू होता है। ढोल, मंद्र और नगाड़े की थाप पर युवतियाँ और युवक हाथ पकड़कर गोल घेरे में नाचते हैं। इसे करमा नृत्य कहते हैं।

  • नृत्य में ताल और लय इतनी सुंदर होती है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है।
  • महिलाएँ रंग-बिरंगे परिधान पहनती हैं, सिर पर पत्तों और फूलों का श्रृंगार करती हैं।
  • रात भर नाच-गाना चलता है।

करमा नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामूहिक एकता और सामंजस्य का प्रतीक है।

1651135466606 Karma Parva

Karma Parva : सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व

  1. भाई-बहन का त्योहार
    • इसे राखी की तरह भी माना जाता है।
    • बहनें करम देवता से अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
  2. प्रकृति की पूजा
    • यह त्योहार हमें बताता है कि पेड़-पौधे, जंगल और प्रकृति हमारी जिंदगी के साथी हैं।
  3. सामूहिकता का भाव
    • इसमें पूरा गांव मिलकर शामिल होता है, चाहे अमीर हो या गरीब।
  4. लोक संस्कृति का संरक्षण
    • करमा गीत, करमा नृत्य और कथाएँ आज भी हमारी लोक संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं।

 

Karma Parva : आधुनिक समय में करमा पर्व

आज भी झारखंड और आस-पास के राज्यों में करमा पर्व बहुत जोश और श्रद्धा से मनाया जाता है।

  • अब यह केवल ग्रामीण नहीं, बल्कि शहरी इलाकों में भी मनाया जाने लगा है।
  • स्कूल, कॉलेज और सांस्कृतिक संस्थानों में करमा नृत्य के कार्यक्रम होते हैं।
  • सरकार और सांस्कृतिक संस्थाएँ इसे राज्य स्तरीय त्योहार की तरह प्रोत्साहित कर रही हैं।

 

Karma Parva :  करमा पर्व का संदेश

करमा पर्व हमें यह सिखाता है कि—

  • प्रकृति और पर्यावरण का सम्मान करना चाहिए।
  • भाई-बहन और परिवार का रिश्ता मजबूत रखना चाहिए।
  • सामूहिकता और एकजुटता में ही समाज की शक्ति है।
  • मेहनत और ईमानदारी से ही सुख-समृद्धि मिलती है।

निष्कर्ष

करमा पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं है, यह जीवन का उत्सव है। इसमें खेतों की हरियाली, जंगल की खुशबू, ढोल की थाप, गीतों की गूंज और रिश्तों की मिठास सबकुछ शामिल है।

जब रात को गांव की अखरा में हजारों लोग एक साथ गोल घेरे में नाचते हैं, तो लगता है मानो पूरा ब्रह्मांड आनंद में डूब गया हो। यही है करमा पर्व — जो हमें इंसानियत, भाईचारा और प्रकृति के प्रति प्रेम का पाठ पढ़ाता है।

 

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X

Like this:

Like Loading...
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

UPTET 2026 Application Started Today: आज से शुरू हुए आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया, योग्यता, परीक्षा तिथि और जरूरी जानकारी
शिक्षा/कैरियरताजा खबर

UPTET 2026 Application Started Today: आज से शुरू हुए आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया, योग्यता, परीक्षा तिथि और जरूरी जानकारी

March 28, 2026
ntet-2026-ayush-and-homoeopathy-admission
शिक्षा/कैरियरताजा खबर

NTET 2026: AYUSH और Homoeopathy शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा, जानें आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और परीक्षा पैटर्न

March 26, 2026
UP Cooperative Bank Recruitment 2026: 100+ पदों पर भर्ती
शिक्षा/कैरियरताजा खबर

UP Cooperative Bank Recruitment 2026: 100+ पदों पर भर्ती, 15 अप्रैल तक करें आवेदन

March 26, 2026
Jharkhand B.Ed/M.Ed/B.P.Ed Entrance Exam 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, परीक्षा अब 10 मई को होगी
शिक्षा/कैरियरताजा खबर

Jharkhand B.Ed/M.Ed/B.P.Ed Entrance Exam 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, परीक्षा अब 10 मई को होगी

March 26, 2026
finel logo png

The Palash News

Facebook Twitter Youtube Wordpress

About Us

ThePalashNews ( दपलाशन्यूज ) न्यूज़ लेखक और ब्लॉगर द्वारा बनाया गया है. दपलाशन्यूज का मुख्य उद्देश्य है ताज़ा जानकारी को सबसे तेज सबसे रीडर तक पहुँचाना। इस न्यूज़ ब्लॉग को बनाने के लिए कई सारे एक्सपर्ट लेखक दिन रात अथक प्रयास में रहते है. दपलाशन्यूज का मुख्य उद्देश्य अपने पाठको को वेब और मोबाइल पर ऑनलाइन समाचार देखने वाले दर्शकों का एक वफादार आधार बना रहा है। हम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, उपयोगकर्ता रुचि जानकारी, अजीब समाचार, ज्योतिष समाचार, व्यापार समाचार, खेल समाचार, जीवन शैली समाचार इत्यादि को कवर करने वाले तेज़ और सटीक समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Policies Links

  • Privacy Policy
  • Correction Policy
  • Fact Checking Policy
  • Disclaimer
  • Our Team
  • Contact Us
  • About Us
Category Links
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
      • राँची
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri

About Us

Copyright © 2024 The Palash News

Removed from reading list

Undo
Go to mobile version
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?
%d