SIPRI की चौंकाने वाली रिपोर्ट: भारत के 12 और चीन के 34 परमाणु हथियार तैनात
दुनिया में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चिंताओं के बीच परमाणु हथियारों को लेकर एक नई रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। स्वीडन के प्रतिष्ठित थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की Yearbook 2026 के अनुसार, भारत ने शांतिकाल में 12 परमाणु वॉरहेड तैनात किए हैं, जबकि चीन ने अपनी तैनाती को बढ़ाकर 34 कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहली बार है जब भारत के लिए शांतिकाल के दौरान इस प्रकार की परमाणु तैनाती दर्ज की गई है। वहीं चीन ने पिछले एक वर्ष में अपनी तैनात परमाणु क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाई है।
दुनिया में कितने परमाणु हथियार मौजूद हैं?
SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 तक दुनिया में कुल 12,187 परमाणु वॉरहेड मौजूद थे। इनमें से लगभग 9,745 वॉरहेड सैन्य भंडार में रखे गए हैं और आवश्यकता पड़ने पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इसके अलावा करीब 4,012 परमाणु वॉरहेड ऐसे हैं जो मिसाइलों और सैन्य विमानों के साथ तैनात स्थिति में हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि दुनिया के प्रमुख देश अब भी परमाणु हथियारों को अपनी रणनीतिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
भारत और चीन की बढ़ती परमाणु क्षमता
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास वर्तमान में 12 तैनात परमाणु वॉरहेड हैं। हालांकि यह संख्या रूस, अमेरिका या चीन की तुलना में काफी कम है, लेकिन शांतिकाल में इनकी तैनाती एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव के रूप में देखी जा रही है।
वहीं चीन ने 2025 में 24 तैनात परमाणु वॉरहेड्स से बढ़ाकर 2026 में 34 कर दिए हैं। यानी केवल एक वर्ष में चीन ने अपनी तैनात परमाणु क्षमता में 10 वॉरहेड्स की वृद्धि की है। यह एशिया में बदलते सुरक्षा समीकरणों की ओर संकेत करता है।
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रूस और अमेरिका अब भी सबसे आगे
तैनात परमाणु वॉरहेड्स की संख्या के मामले में रूस और अमेरिका दुनिया में सबसे आगे बने हुए हैं।
- रूस – 1,796 तैनात वॉरहेड
- अमेरिका – 1,770 तैनात वॉरहेड
- फ्रांस – 280 तैनात वॉरहेड
- ब्रिटेन – 120 तैनात वॉरहेड
- चीन – 34 तैनात वॉरहेड
- भारत – 12 तैनात वॉरहेड
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर रखे गए अधिकांश परमाणु हथियार रूस और अमेरिका के पास हैं।
परमाणु हथियारों पर बढ़ती निर्भरता
SIPRI ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि दुनिया के कई देश राष्ट्रीय शक्ति और सुरक्षा के साधन के रूप में परमाणु हथियारों पर पहले से अधिक निर्भर होते जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 2,100 से 2,200 परमाणु वॉरहेड ऐसे हैं जो बैलिस्टिक मिसाइलों पर हाई ऑपरेशनल अलर्ट की स्थिति में रखे गए हैं। इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर इन्हें बहुत कम समय में इस्तेमाल किया जा सकता है।
विशेषज्ञ क्यों जता रहे हैं चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के प्रमुख देशों द्वारा परमाणु हथियारों की संख्या और तैनाती बढ़ाना वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। रूस-यूक्रेन युद्ध, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ता तनाव और महाशक्तियों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा ने परमाणु हथियारों की भूमिका को फिर से केंद्र में ला दिया है।
भारत और चीन की बढ़ती परमाणु तैनाती भी इस बात का संकेत है कि एशिया में सुरक्षा और सैन्य संतुलन लगातार बदल रहा है। आने वाले वर्षों में परमाणु हथियारों की यह दौड़ वैश्विक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।
निष्कर्ष
SIPRI Yearbook 2026 यह संकेत देती है कि दुनिया अभी भी परमाणु हथियारों से दूर नहीं जा रही है, बल्कि कई देश अपनी सुरक्षा रणनीति में इन्हें और अधिक महत्व दे रहे हैं। भारत के 12 और चीन के 34 तैनात परमाणु वॉरहेड्स का आंकड़ा केवल संख्या नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक शक्ति संतुलन और सुरक्षा चुनौतियों का भी प्रतीक है।
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