उबला या साफ पानी पिएँ
– दूषित पानी से डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
उबला या साफ पानी पिएँ
– दूषित पानी से डायरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
ताज़ा और गरम भोजन करें
– लंबे समय तक रखा हुआ या खुले में बिकने वाला खाना खाने से बचें।
ताज़ा और गरम भोजन करें
– लंबे समय तक रखा हुआ या खुले में बिकने वाला खाना खाने से बचें।
मच्छरों से बचाव करें
– घर के आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें ताकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचा जा सके।
मच्छरों से बचाव करें
– घर के आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें ताकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचा जा सके।
बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें
– गीले कपड़े लंबे समय तक पहनने से सर्दी, बुखार और फंगल संक्रमण हो सकता है।
बारिश में भीगने पर तुरंत कपड़े बदलें
– गीले कपड़े लंबे समय तक पहनने से सर्दी, बुखार और फंगल संक्रमण हो सकता है।
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जलभराव वाले रास्तों से बचें
– गड्ढे, खुले मैनहोल या बिजली के करंट का खतरा हो सकता है। –
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जलभराव वाले रास्तों से बचें
– गड्ढे, खुले मैनहोल या बिजली के करंट का खतरा हो सकता है। –
बिजली चमकने और गरजने पर खुले स्थान से दूर रहें
– पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदान में खड़े न हों।
बिजली चमकने और गरजने पर खुले स्थान से दूर रहें
– पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदान में खड़े न हों।
घर और आसपास की साफ-सफाई रखें
– नालियों की नियमित सफाई करें ताकि पानी जमा न हो।
घर और आसपास की साफ-सफाई रखें
– नालियों की नियमित सफाई करें ताकि पानी जमा न हो।
फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी से चलें
– अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें और वाहन धीरे चलाएँ।
फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी से चलें
– अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें और वाहन धीरे चलाएँ।
ज़रूरी सामान साथ रखें
– छाता, रेनकोट, टॉर्च और मोबाइल को वाटरप्रूफ कवर में रखें।
ज़रूरी सामान साथ रखें
– छाता, रेनकोट, टॉर्च और मोबाइल को वाटरप्रूफ कवर में रखें।
बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
– लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या तेज कमजोरी को नजरअंदाज न करें।
बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
– लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या तेज कमजोरी को नजरअंदाज न करें।
बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
– लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या तेज कमजोरी को नजरअंदाज न करें।
बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
– लगातार बुखार, उल्टी, दस्त या तेज कमजोरी को नजरअंदाज न करें।