आंदोलन की वजह: JPSC (14वीं सिविल सेवा परीक्षा) और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी के खिलाफ छात्र सड़कों पर हैं।

मुख्य मांग: छात्र 19 अप्रैल को आयोजित हुई 14वीं JPSC कंबाइंड प्रिलिमिनरी परीक्षा (PT) को तुरंत रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

CID जांच खारिज: प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान राज्य CID जांच को ठुकरा दिया है और कहा है कि उन्हें इस पर भरोसा नहीं है।

CBI और ED की मांग: छात्रों की सबसे बड़ी मांग है कि पिछले 7 सालों में हुई सभी नियुक्तियों की जांच CBI और ED से कराई जाए।

अनिश्चितकालीन धरना: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्र पिछले कई दिनों से लगातार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं।

आमरण अनशन: छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर स्टेडियम में ही भूख हड़ताल (Hunger Strike) शुरू कर दी है।

मशाल जुलूस और आक्रोश: छात्रों ने रांची की सड़कों पर विशाल मशाल जुलूस (Torchlight March) निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है।

5वें ऑप्शन की मांग: छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए OMR शीट में एक '5वां विकल्प' (Fifth Option) जोड़ने की मांग भी कर रहे हैं।

विधानसभा घेराव की चेतावनी: मांगे पूरी न होने पर उग्र छात्रों ने 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का बड़ा एलान किया है।

चेयरमैन का इस्तीफा व गिरफ्तारियां: विवाद बढ़ने के बाद JPSC के तत्कालीन चेयरमैन का इस्तीफा हो चुका है और इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

राजनीतिक सरगर्मी तेज: विपक्ष (BJP) इस मुद्दे पर CBI जांच की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।

राजनीतिक सरगर्मी तेज: विपक्ष (BJP) इस मुद्दे पर CBI जांच की मांग कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।