Saranda Jungle
प्रकृति का हरा साम्राज्य
झारखंड का सारंडा जंगल अपनी खूबसूरती और घने साल के पेड़ों के लिए विश्वभर में मशहूर है।
‘सारंडा’ शब्द का अर्थ है — सात सौ पहाड़ों का जंगल।
यह क्षेत्र पहाड़ियों, झरनों और घने जंगल से घिरा हुआ है।
सारंडा जंगल को
एशिया का सबसे बड़ा साल का जंगल
माना जाता है।
यहाँ साल के पेड़ों की घनत्व इतनी है कि सूरज की रोशनी भी मुश्किल से नीचे पहुँचती है।
यहाँ पाए जाते हैं:
– हाथी
– हिरण
– जंगली भालू
– तेंदुआ
– बाघ
– दुर्लभ पक्षियों की कई प्रजातियाँ
सुंदर झरने और नदियाँ
सारंडा में बहने वाली नदियाँ और झरने:
– Karo River
– Sanjay River
– Sita Falls
ये इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बनाते हैं।
आदिवासी संस्कृति का केंद्र
यहाँ मुख्य रूप से Ho और Munda जनजाति रहती है।
उनकी जीवनशैली, परंपराएँ और नृत्य इस जंगल की खूबसूरती बढ़ाते हैं।
खनिज संपदा
सारंडा जंगल
मैग्नेटाइट (लौह अयस्क)
के बड़े भंडारों के लिए भी प्रसिद्ध है।
यहाँ पर्यटक सबसे ज्यादा पसंद करते हैं:
– Jungle Safari
– Trekking
– Nature Walk
– Bird Watching
घूमने का सबसे अच्छा समय
अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।
इस दौरान मौसम सुहाना और जंगल बेहद हरा होता है।
सारंडा क्यों खास है?
– एशिया का सबसे बड़ा साल वन
– प्राकृतिक शांति
– पहाड़ी दृश्य
– समृद्ध वन्यजीव
आज की स्थिति
सरकार यहाँ इको-टूरिज्म को बढ़ावा दे रही है।
सुरक्षा और संरक्षण के लिए कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
सारंडा जंगल सिर्फ एक वन नहीं—
यह प्रकृति, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम है।
एक बार यहाँ घूमने वाला इसकी हरियाली भूल नहीं पाता।
सारंडा जंगल (झारखंड: एशिया का सबसे बड़ा साल वन)– इतिहास, प्रकृति, जनजीवन और पर्यटन की पूरी कहानी