आदिवासी नेता निशा भगत की मौत से मचा हड़कंप, फेसबुक लाइव में लगाए थे कई लोगों पर गंभीर आरोप
आदिवासी नेता निशा भगत : राजधानी रांची से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। आदिवासी नेता निशा भगत की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से पहले उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर लाइव आकर कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है, वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
आदिवासी नेता निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान थाना प्रभारी को किया था फोन
मिली जानकारी के अनुसार, घटना से पहले निशा भगत फेसबुक पर लाइव आई थीं। इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। बताया जा रहा है कि फेसबुक लाइव के दौरान ही उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन कर अपनी जान देने की बात कही थी।
इस सूचना के बाद पुलिस और स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
RIMS में डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि
निशा भगत के शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) भेजा गया। RIMS के डॉक्टरों के अनुसार, जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचने की पुष्टि की।
फेसबुक लाइव वीडियो और फोन कॉल की जांच कर रही पुलिस
इस पूरे मामले में पुलिस कई अहम पहलुओं की जांच कर रही है। निशा भगत के फेसबुक लाइव का वीडियो, थाना प्रभारी के साथ हुई फोन पर बातचीत और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जांच के दायरे में रखा गया है।
फेसबुक लाइव के दौरान जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उनकी भूमिका और आरोपों की सत्यता की भी जांच की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि निशा भगत ने संबंधित लोगों के खिलाफ पहले कोई लिखित शिकायत दर्ज कराई थी या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
निशा भगत की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है? घटना से पहले उनकी किन परिस्थितियों में थाना प्रभारी से बातचीत हुई थी? इन सभी पहलुओं पर पुलिस की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की परिस्थितियों का खुलासा हो सकेगा।
इस संवेदनशील मामले से जुड़ी अपुष्ट जानकारी या सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक दावों को साझा करने से बचें। पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।
यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले में पुलिस जांच जारी है।