राज्यसभा चुनाव 2026: क्रॉस वोटिंग के डर से NDA ने विधायकों को होटल में किया शिफ्ट
झारखंड में राज्यसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल
झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर पहुंच गई हैं। चुनाव से पहले क्रॉस वोटिंग की आशंका और रणनीतिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपने सभी विधायकों को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में शिफ्ट कर दिया है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक यही होटल NDA विधायकों का अस्थायी ठिकाना रहेगा।
विधायकों को होटल पहुंचने का निर्देश
गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व ने NDA में शामिल सभी दलों के विधायकों को निर्धारित समय तक होटल पहुंचने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव से जुड़ी पूरी रणनीति होटल से ही संचालित की जाएगी। सभी विधायक मतदान तक एक साथ रहेंगे ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या संभावित क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोका जा सके।
सूत्रों का यह भी कहना है कि विधायकों को मतदान प्रक्रिया और वरीयता क्रम के आधार पर वोट डालने की जानकारी भी दी जा सकती है, जिससे मतदान के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी गलती न हो।
परिमल नथवाणी की जीत पर NDA का फोकस
इस चुनाव में NDA की सबसे बड़ी प्राथमिकता निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी की जीत सुनिश्चित करना है। गठबंधन इसके लिए पूरी ताकत झोंकता नजर आ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायकों की बाड़ेबंदी का मुख्य उद्देश्य गठबंधन के वोटों को सुरक्षित रखना और अतिरिक्त समर्थन जुटाने की रणनीति तैयार करना है।
आंकड़ों का गणित क्या कहता है?
राज्यसभा चुनाव में प्रथम वरीयता के आधार पर जीत हासिल करने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होती है। वर्तमान स्थिति में NDA के पास कुल 24 विधायक हैं।
इनमें शामिल हैं:
- भाजपा – 21 विधायक
- आजसू – 1 विधायक
- लोजपा – 1 विधायक
- जदयू – 1 विधायक
ऐसे में जीत के लिए NDA को अभी भी चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। यही वजह है कि गठबंधन चुनाव से पहले हर संभावित समीकरण पर गंभीरता से काम कर रहा है।
होटल में बनेगी जीत की रणनीति
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि होटल में होने वाली बैठकों के दौरान शेष वोटों की व्यवस्था, सहयोगी दलों से संपर्क और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। NDA किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा है और इसी कारण विधायकों को एक जगह रखने की रणनीति अपनाई गई है।
क्यों अहम है यह चुनाव?
झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव सिर्फ एक संसदीय प्रक्रिया नहीं बल्कि राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी माना जा रहा है। ऐसे में NDA और अन्य दल अपनी-अपनी रणनीतियों को मजबूत करने में जुटे हैं। यदि चुनाव में क्रॉस वोटिंग होती है तो इसके राजनीतिक परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।
निष्कर्ष
18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले NDA की ओर से विधायकों को होटल में शिफ्ट करने का फैसला इस बात का संकेत है कि गठबंधन चुनाव को लेकर पूरी तरह सतर्क है। अब सभी की नजरें मतदान के दिन पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि NDA अपनी रणनीति में कितना सफल रहता है और परिमल नथवाणी के पक्ष में आवश्यक समर्थन जुटा पाता है या नहीं।