दिल्ली में 200 फीट तिरंगा लेकर AAP की रैली, CJP मार्च से पहले बढ़ा सियासी तनाव; SIR पर भी उठे सवाल
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में तिरंगा मार्च और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 200 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज लेकर रैली निकाली। यह रैली CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच निकाली गई।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था। वहीं, CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध को लेकर भी प्रदर्शन जारी हैं। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
दिल्ली में 200 फीट तिरंगा के साथ सड़कों पर उतरे AAP कार्यकर्ता
दिल्ली में AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विशाल तिरंगे के साथ रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान करीब 200 फीट लंबा राष्ट्रीय ध्वज आकर्षण का केंद्र रहा। यह रैली ऐसे समय में निकाली गई, जब राजधानी में तिरंगा मार्च और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं की जांच और जंतर-मंतर को दोबारा प्रदर्शन स्थल घोषित करना शामिल है।
सौरभ भारद्वाज ने तिरंगा मार्च को लेकर उठाए सवाल
दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने तिरंगा फहराने को लेकर लगाए जा रहे प्रतिबंधों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में तिरंगा फहराने से किसी को क्यों रोका जाना चाहिए?
भारद्वाज ने अंग्रेजों के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भी भारतीयों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार के लिए संघर्ष किया था। उनके मुताबिक, आज जब युवा तिरंगा लहराना चाहते हैं, तब प्रदर्शन को देखते हुए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती करना उचित नहीं है।
AAP नेता ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित कदम बताया। उनके बयान के बाद तिरंगा मार्च को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च पर सबकी नजर
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। यह प्रदर्शन CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध से जुड़ा है।
प्रस्तावित मार्च को लेकर कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। प्रदर्शन से पहले प्रशासन की तैयारियों और पुलिस की निगरानी पर भी नजर बनी हुई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR पर विरोध
दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। AAP और अन्य संगठनों के प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इसके अलावा, जंतर-मंतर को फिर से प्रदर्शन स्थल घोषित करने की मांग भी की जा रही है। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
दिल्ली में राजनीतिक हलचल तेज, आगे क्या होगा?
तिरंगा मार्च, चुनाव आयोग से जुड़ी मांगों और SIR को लेकर दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर AAP नेता तिरंगा रैली के जरिए अपनी बात रख रहे हैं, तो दूसरी ओर CJP के प्रस्तावित मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रदर्शन को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है और चुनाव आयोग से जुड़ी मांगों पर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है।
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