Nepal Flood: नेपाल में भयंकर बाढ़ से तबाही, मौतों का आंकड़ा 1000 के पार, 3916 लोग अब भी लापता
Nepal Flood News: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस आपदा में मरने वालों की संख्या मंगलवार तक बढ़कर 1003 हो गई है, जबकि 3916 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
नेपाल के कई हिस्सों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। सुरक्षा बल और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं। इस बीच नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने कई जिलों के लिए नए बाढ़ अलर्ट जारी किए हैं।
आठ जिलों से बरामद हुए बड़ी संख्या में शव
अधिकारियों के अनुसार, नेपाल के विभिन्न जिलों से शव बरामद किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान के दौरान लगातार खोजबीन की जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रभावित जिलों की स्थिति इस प्रकार बताई गई है:
- रसुवा – 41
- नुवाकोट – 95
- धाडिंग – 57
- गोरखा – 65
- तनहुं – 38
- नवलपरासी पूर्व – 216
- नवलपरासी पश्चिम – 170
- चितवन – 321
आपदा के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
नुवाकोट और रसुवा में अचानक बाढ़ का खतरा
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि नुवाकोट और रसुवा जिलों में अचानक बाढ़ आने की आशंका अधिक है। इन क्षेत्रों की छोटी नदियों और जलधाराओं में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
प्राधिकरण ने नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
काठमांडू समेत कई जिलों में अलर्ट
पूर्वी और मध्य नेपाल के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है। जिन प्रमुख जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
ताप्लेजुंग, संखुवासभा, सोलुखुम्बु, खोटांग, ओखलढुंगा, रामेछाप, दोलखा, सिंधुपालचोक, काभ्रेपलांचोक, ललितपुर, भक्तपुर, काठमांडू और धादिंग।
इन इलाकों में प्रशासन ने लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।
पश्चिमी नेपाल में भी बढ़ा खतरा
बाढ़ का खतरा सिर्फ पूर्वी और मध्य नेपाल तक सीमित नहीं है। पश्चिमी नेपाल के कई जिलों में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में शामिल हैं:
गोरखा, लमजुंग, डोल्पा, रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम, जाजरकोट, दार्चुला, बैतड़ी, डडेलधुरा, डोटी, कैलाली और कंचनपुर।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
26 अगस्त की बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज बारिश और नदियों के उफान के कारण कई इलाकों में अचानक पानी भर गया। सड़कें, पुल और आवासीय क्षेत्र प्रभावित हुए, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत अभियान चलाया गया।
हालांकि बाढ़ का पानी कुछ क्षेत्रों में कम हुआ है, लेकिन प्रभावित इलाकों में संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। हजारों लोगों के लापता होने के कारण राहत एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
NDRRMA ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों से अपील की है कि वे नदियों और जलधाराओं के आसपास जाने से बचें। खासकर संवेदनशील और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
नेपाल इस समय हाल के वर्षों की सबसे भयावह प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। राहत और बचाव कार्य जारी है और लापता लोगों की तलाश लगातार की जा रही है।
निष्कर्ष
नेपाल की यह विनाशकारी बाढ़ एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता को सामने लेकर आई है। 1000 से अधिक मौतों और हजारों लोगों के लापता होने की रिपोर्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। आने वाले दिनों में मौसम और नदियों के जलस्तर को लेकर प्रशासन की चिंता बनी हुई है।
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