राँची समेत 12 जिलों में शीतलहर की चेतावनी
झारखंड में कड़ाके की ठंड का अलर्ट
राँची: झारखंड के मौसम में अचानक आए बदलाव ने राज्य के बड़े हिस्से को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 12 जिलों के लिए शीतलहर (Cold Wave) का अलर्ट जारी किया है। 26 दिसंबर से राज्य के उत्तर-पश्चिमी और मध्य भागों में कनकनी बढ़ने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इन 12 जिलों में बरती जाएगी विशेष सतर्कता
मौसम विभाग के अनुसार, शीतलहर का मुख्य प्रभाव झारखंड के उत्तर-पश्चिम और मध्य क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, वे हैं:
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पलामू संभाग: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार।
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मध्य झारखंड: राँची, लोहरदगा, गुमला, हजारीबाग, कोडरमा, खूँटी, बोकारो और रामगढ़।
इन जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सुबह और देर रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस होगी।
तापमान का गणित: चाईबासा में गर्मी, गुमला में ‘शून्य’ के करीब ठंड
25 दिसंबर को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तापमान के दो विपरीत रूप देखने को मिले। जहाँ एक ओर कुछ जिलों में धूप की वजह से दिन राहत भरा रहा, वहीं दूसरी ओर कुछ जिले जमने की कगार पर पहुँच गए हैं।
| विवरण | जिला | तापमान (°C) |
| सबसे अधिक अधिकतम तापमान | चाईबासा | 27.4°C |
| सबसे कम न्यूनतम तापमान | गुमला | 4.0°C |
गुमला में 4.0 डिग्री सेल्सियस तापमान यह दर्शाता है कि राज्य के कुछ हिस्सों में पारा सामान्य से काफी नीचे चला गया है। वहीं चाईबासा में 27.4 डिग्री सेल्सियस का अधिकतम तापमान दिन के समय अपेक्षाकृत सुखद बना हुआ है।
शीतलहर क्या है और यह क्यों खतरनाक है?
जब न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम हो जाता है, तो उसे ‘शीतलहर’ की श्रेणी में रखा जाता है। झारखंड में उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के प्रवेश के कारण यह स्थिति बनी है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव:
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हाइपोथर्मिया: लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक गिर सकता है।
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श्वसन संबंधी समस्याएँ: बच्चों और बुजुर्गों में अस्थमा और छाती में जकड़न की समस्या बढ़ सकती है।
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फसलों को नुकसान: पाला (Frost) गिरने की स्थिति में आलू, टमाटर और दलहनी फसलों को भारी नुकसान पहुँच सकता है।
प्रशासन और आम जनता के लिए सुझाव
मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन को अलाव की व्यवस्था करने और रैन बसेरों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। आम जनता को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतने की सलाह दी जाती है:
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परतदार कपड़े पहनें: एक भारी कपड़े के बजाय कई पतली परतें (Layers) पहनना शरीर की गर्मी को रोकने में अधिक प्रभावी होता है।
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विटामिन-C का सेवन: ठंड से लड़ने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएँ। गुनगुना पानी पिएं और ताज़ा भोजन करें।
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पालतू जानवरों का ध्यान: कड़ाके की ठंड में मवेशियों और पालतू जानवरों को भी खुले में न छोड़ें।
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हीटर का सावधानी से प्रयोग: बंद कमरों में कोयले की अंगीठी या गैस हीटर का प्रयोग करते समय वेंटिलेशन (हवा आने-जाने का रास्ता) जरूर रखें।
आगे का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 48 से 72 घंटों तक तापमान में स्थिरता बनी रहेगी या हल्की और गिरावट आ सकती है। आकाश साफ रहने के कारण रात में गर्मी विकिरण (Radiation) के माध्यम से अंतरिक्ष में चली जाती है, जिससे रातें और अधिक ठंडी हो रही हैं। नए साल के आगमन तक राज्य के अन्य जिलों में भी ठंड का असर बढ़ने की उम्मीद है।
झारखंड की जनता के लिए यह समय सतर्क रहने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का है।
