3 भारतीयों की मौत पर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- ‘PM की चुप्पी चिंताजनक’
होर्मुज स्ट्रेट हमले के बाद गरमाई राजनीति, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नागरिकों की मौत के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जब किसी विदेशी शक्ति के कारण भारतीय नागरिकों की जान जाती है, तब देश के प्रधानमंत्री को स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए।
राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “Compromised PM” बताते हुए कहा कि जो नेता अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर खुलकर नहीं बोल सकता, वह देश के हितों की प्रभावी रक्षा नहीं कर सकता।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि भारत माता के बेटों की जान जाने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी ने अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय नाविकों की मौत के बावजूद सरकार की ओर से अपेक्षित राजनीतिक और कूटनीतिक सख्ती दिखाई नहीं दे रही है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगले सप्ताह होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के नेताओं से मुलाकात करेंगे, लेकिन उन भारतीय नागरिकों की मौत पर एक शब्द भी नहीं बोलेंगे जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। राहुल गांधी ने इसे सरकार की संवेदनहीनता और कमजोर कूटनीतिक रुख का उदाहरण बताया।
कांग्रेस ने अमेरिका की कार्रवाई पर जताई नाराजगी
इस घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और भारत सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए मजबूत राजनयिक कदम उठाने चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों को कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश करते रहे हैं। ऐसे में इस गंभीर घटना पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि क्षेत्रीय संघर्ष चाहे किसी भी कारण से हो, व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों पर होने वाले ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज
तीन भारतीयों की मौत के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। एक ओर कांग्रेस सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि उसने इस मामले में आवश्यक कूटनीतिक कदम उठाए हैं।
आने वाले दिनों में G7 शिखर सम्मेलन और इस मुद्दे पर भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बीच भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।