Pahalgam Attack Case: NIA कोर्ट ने हाफिज सईद की गिरफ्तारी के लिए जारी किया गैर-जमानती वारंट!!
Pahalgam Attack Case: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी कानूनी सफलता मिली है। जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने इस मामले के मुख्य आरोपी और फरार आतंकवादी हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (NBW) जारी कर दिया है। अदालत का यह आदेश जांच को आगे बढ़ाने और आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
एनआईए कोर्ट ने क्यों जारी किया गैर-जमानती वारंट?
सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का रहने वाला हाफिज सईद पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य आरोपी है। जांच एजेंसी के अनुसार वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है, जिसके कारण उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाना जरूरी हो गया था।
एनआईए ने अदालत से कहा कि मामले की जांच को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। एजेंसी की दलीलों से सहमत होते हुए विशेष एनआईए अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करने की अनुमति दे दी।
अदालत ने क्या कहा?
विशेष एनआईए अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी आवश्यक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए।
इसके साथ ही अदालत ने जारी वारंट को कानून के अनुसार कार्रवाई के लिए एनआईए, जम्मू के उप महानिरीक्षक (DIG) को भेजने का निर्देश भी दिया।
पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद का नाम
एनआईए द्वारा अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद को उसकी व्यक्तिगत भूमिका के साथ-साथ आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसके सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में भी नामजद किया गया है।
जांच एजेंसी का कहना है कि पहलगाम हमले की साजिश और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है तथा मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किन धाराओं के तहत दर्ज है मामला?
हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वह भारत और अमेरिका दोनों देशों द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसी कारण इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सबसे संवेदनशील मामलों में शामिल माना जा रहा है।
क्या था पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश निर्दोष पर्यटक थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की।
जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर एनआईए ने इस मामले की कमान संभाली। एजेंसी को जांच में लश्कर-ए-तैयबा और उसके सहयोगी संगठन टीआरएफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले, जिसके बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई।
जांच अभी भी जारी
एनआईए का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। जांच एजेंसी का उद्देश्य हमले की पूरी साजिश, इसमें शामिल सभी आरोपियों और उनके नेटवर्क का पता लगाकर कानून के दायरे में लाना है।
विशेष अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच के आधार पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी सामने आ सकती है।
निष्कर्ष
पहलगाम आतंकी हमले के मुख्य आरोपी हाफिज सईद के खिलाफ विशेष एनआईए अदालत द्वारा गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाना जांच प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण विकास है। एनआईए का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए आवश्यक है। फिलहाल एजेंसी पूरे आतंकी नेटवर्क और हमले की साजिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।