CJP के देशव्यापी प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, शिक्षा मंत्रालय में नई हलचल
नई दिल्ली: देशभर में परीक्षा सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री को भेजे अपने त्यागपत्र में कहा कि देश की एकता, छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में लिखा कि जंतर-मंतर और देशभर में बनी परिस्थितियों का कोई भी राष्ट्रविरोधी तत्व फायदा न उठा सके, देश की एकता बनी रहे और छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में न फंसे, इसी उद्देश्य से उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंप दिया।
युवाओं के भविष्य को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता
अपने इस्तीफे में प्रधान ने कहा कि वे हमेशा युवाओं की आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते रहे हैं। पिछले कुछ दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी का भविष्य राजनीति या कानूनी प्रक्रियाओं में उलझना नहीं चाहिए और सभी छात्रों का ध्यान केवल पढ़ाई और अपने करियर पर होना चाहिए।
NEET-UG परीक्षा पर दी विस्तृत सफाई
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में NEET-UG परीक्षा से जुड़े पूरे घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 3 मई 2026 को परीक्षा में अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत CBI जांच के आदेश दिए, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया।
सरकार ने अगले वर्ष से NEET परीक्षा को Computer-Based Test (CBT) मोड में आयोजित करने का भी निर्णय लिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने बताया कि 21 जून 2026 को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सफलता मिली।
कुछ लोगों पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की थी और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी मेधावी छात्र का नुकसान न हो। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन को भटकाने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा।
प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
अपने त्यागपत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही मंत्रिपरिषद, अधिकारियों और शिक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और वे आगे भी देश, ओडिशा तथा युवाओं के हित में कार्य करते रहेंगे।
NEET पेपर लीक मामले में NTA का बड़ा एक्शन
इस बीच NEET पेपर लीक मामले में National Testing Agency (NTA) ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी और आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। यह फैसला परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से चल रहे व्यापक सुधार अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
सरकार के प्रमुख फैसले
- NTA के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया।
- पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए।
- संबंधित मामलों को विशेष अदालतों में स्थानांतरित किया जाएगा।
- उच्च शिक्षा विभाग और विद्यालय शिक्षा विभाग में नए सचिवों की नियुक्ति की गई।
- परीक्षा प्रणाली में व्यापक प्रशासनिक सुधार शुरू किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छात्रों की मांग और सरकार की पहल
पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच केंद्र सरकार ने छात्र संगठनों से कई दौर की बातचीत की है। छात्र प्रतिनिधियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए तीन प्रमुख मांगें और कई सुझाव सरकार के सामने रखे हैं। सरकार का कहना है कि इन सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सरकार का दावा
केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पहले से अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार, कानूनी कार्रवाई और तकनीकी बदलाव लगातार किए जा रहे हैं। सरकार ने दोहराया है कि देश के छात्रों का भविष्य उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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