The Palash NewsThe Palash News
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
      • राँची
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri
Notification Show More
Latest News
Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें
Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें
ताजा खबर पर्व/त्योहार
IIT ISM Dhanbad के शोधार्थी डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर की बड़ी उपलब्धि, Italy में बने Design Engineer
ताजा खबर पर्व/त्योहार
IPL 2027 से पहले KKR के सामने बड़ा सवाल: हार्दिक पांड्या या KL राहुल, कौन संभालेगा कप्तानी?
IPL 2027 से पहले KKR के सामने बड़ा सवाल: हार्दिक पांड्या या KL राहुल, कौन संभालेगा कप्तानी?
खेल ताजा खबर
Ranchi Coaching Centre Seal: रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील, बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावक जरूर जांचें ये 7 बातें
Ranchi Coaching Centre Seal: रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील, बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावक जरूर जांचें ये 7 बातें
ताजा खबर
Toxic Review: Yash का Swag और जबरदस्त Action, फिर भी क्यों अधूरी लगती है फिल्म? जानें कैसी है ‘Toxic’
Toxic Review: Yash का Swag और जबरदस्त Action, फिर भी क्यों अधूरी लगती है फिल्म? जानें कैसी है ‘Toxic’
ताजा खबर मनोरंजन राज्य
Aa
Aa
The Palash NewsThe Palash News
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • खेल
  • तकनीकी
  • पर्व/त्योहार
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यापार
  • शिक्षा/कैरियर
  • सरकारी योजना
  • Motivational Talk
  • वेबस्टोरीज
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri
Follow US
ताजा खबरपर्व/त्योहार

Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें

Anju Munda
Last updated: 2026/09/04 at 3:09 PM
Anju Munda
Share
11 Min Read
Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें
Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें
SHARE

Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें

Krishna Janmashtami 2026: हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस साल 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जा रही है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिरों से लेकर घरों तक विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय पूजा-अर्चना कर अपना व्रत खोलते हैं।

Contents
Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातेंकब मनाई जा रही है Krishna Janmashtami 2026?क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी?भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी मान्यताजन्माष्टमी पर कैसे की जाती है पूजा?जन्माष्टमी पर व्रत रखने की परंपराजन्माष्टमी पर क्यों होता है आधी रात को उत्सव?दही हांडी का क्या है महत्व?जन्माष्टमी पर सजते हैं मंदिर और घरश्रीकृष्ण के जीवन से क्या मिलता है संदेश?निष्कर्षजन्माष्टमी 2026 के प्रमुख समयनिशीथ काल में क्या करें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसलिए जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की बाल स्वरूप में पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

कब मनाई जा रही है Krishna Janmashtami 2026?

साल 2026 में कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार इस दिन अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। हालांकि अलग-अलग शहरों में तिथि और पूजा के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।

बिहार क्षेत्र के पंचांग के अनुसार 4 सितंबर की रात निशीथ पूजा का समय लगभग 11:24 बजे से 12:10 बजे तक रहेगा। वहीं जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर को कई स्थानों पर दही हांडी का आयोजन किया जाएगा।

क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी?

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। उस समय उनके मामा कंस का अत्याचार बढ़ गया था। धार्मिक मान्यता है कि कंस को भविष्यवाणी से पता चला था कि देवकी का आठवां पुत्र उसका अंत करेगा। इसके बाद कंस ने देवकी और उनके पति वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया।

मान्यता के अनुसार देवकी के आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। श्रीकृष्ण के जन्म के बाद वसुदेव उन्हें गोकुल ले गए, जहां उनका पालन-पोषण नंद बाबा और माता यशोदा के यहां हुआ।

इसी दिव्य जन्म की स्मृति में हर साल जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। भक्त इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं और आधी रात के समय उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं।

भगवान कृष्ण के जन्म से जुड़ी मान्यता

धार्मिक ग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण को भगवान विष्णु का आठवां अवतार बताया गया है। मान्यता है कि जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु ने कृष्ण के रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना का संदेश दिया।

भगवद्गीता में भी भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म, कर्म और कर्तव्य का महत्व बताया। महाभारत में अर्जुन को दिए उनके उपदेशों को जीवन में सही मार्ग चुनने और अपने कर्तव्य का पालन करने से जोड़ा जाता है।

इसी वजह से जन्माष्टमी केवल भगवान के जन्म का उत्सव नहीं बल्कि धर्म, सत्य और अच्छे कर्मों के संदेश से जुड़ा पर्व भी माना जाता है।

जन्माष्टमी पर कैसे की जाती है पूजा?

जन्माष्टमी के दिन भक्त सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनते हैं और भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेते हैं। घर में भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की प्रतिमा को सजाया जाता है।

पूजा के दौरान भगवान को पंचामृत से स्नान कराया जाता है। इसके बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और फूल, तुलसी दल, माखन-मिश्री तथा अन्य प्रसाद अर्पित किए जाते हैं।

रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा की जाती है। भक्त भजन-कीर्तन करते हैं और श्रीकृष्ण के बाल रूप की आरती उतारते हैं।

जन्माष्टमी पर व्रत रखने की परंपरा

जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं। अलग-अलग परिवारों और धार्मिक परंपराओं में व्रत रखने का तरीका अलग हो सकता है। कुछ लोग पूरे दिन उपवास रखते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं।

व्रत के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हैं और पूजा-पाठ में समय बिताते हैं। व्रत कब और किस समय खोला जाए, यह स्थानीय पंचांग और परिवार की धार्मिक परंपरा के अनुसार तय किया जाता है।

स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उपवास रखना जरूरी नहीं है। बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरत वाले लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार भोजन करना चाहिए।

जन्माष्टमी पर क्यों होता है आधी रात को उत्सव?

भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय आधी रात माना जाता है। इसी वजह से जन्माष्टमी की मुख्य पूजा रात के समय की जाती है। निशीथ काल में भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीकात्मक उत्सव मनाया जाता है।

मंदिरों में इस दौरान भगवान की विशेष सजावट की जाती है। शंख और घंटियों की ध्वनि के बीच आरती होती है और भक्त भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में जयकारे लगाते हैं।

दही हांडी का क्या है महत्व?

जन्माष्टमी के अगले दिन कई क्षेत्रों में दही हांडी का आयोजन किया जाता है। भगवान कृष्ण के बाल रूप को माखन और दही बेहद प्रिय होने की धार्मिक मान्यता है। इसी से जुड़ी परंपरा के रूप में दही हांडी उत्सव मनाया जाता है।

इस दौरान ऊंचाई पर मटकी लटकाई जाती है और लोग पारंपरिक तरीके से उसे फोड़ने का प्रयास करते हैं। अलग-अलग राज्यों और शहरों में दही हांडी की परंपरा का स्वरूप अलग हो सकता है।

जन्माष्टमी पर सजते हैं मंदिर और घर

जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों और घरों को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया जाता है। कई जगह भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी झांकियां भी बनाई जाती हैं।

बच्चों को कृष्ण और राधा के रूप में तैयार करने की परंपरा भी कई परिवारों में देखने को मिलती है। मंदिरों में भजन, कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

श्रीकृष्ण के जीवन से क्या मिलता है संदेश?

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उनके जीवन और गीता के उपदेशों में कर्म, कर्तव्य, धैर्य और धर्म के पालन पर जोर दिया गया है।

श्रीकृष्ण का संदेश है कि व्यक्ति को परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने कर्तव्य और सही मार्ग से पीछे नहीं हटना चाहिए। यही कारण है कि जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ जीवन मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है।

निष्कर्ष

Krishna Janmashtami 2026 4 सितंबर को मनाई जा रही है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मनाया जाता है और भक्त इस दिन व्रत, पूजा, भजन-कीर्तन तथा आधी रात को विशेष जन्मोत्सव में शामिल होते हैं। पंचांग के अनुसार पूजा का निशीथ काल रात में पड़ता है, हालांकि स्थानीय शहर के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।

जन्माष्टमी का पर्व भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके कर्म, धर्म तथा कर्तव्य से जुड़े संदेशों को याद करने का अवसर देता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पर्व को अपनी स्थानीय परंपराओं और रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है।

ye bhi padhe :-

  • IIT ISM Dhanbad के शोधार्थी डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर की बड़ी उपलब्धि, Italy में बने Design Engineer

  • Ranchi Coaching Centre Seal: रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील, बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावक जरूर जांचें ये 7 बातें

 

बिहार शरीफ के अनुसार 4 सितंबर की रात निशीथ पूजा का शुभ समय रात 11:24 बजे से 5 सितंबर की रात 12:10 बजे तक रहेगा। यानी भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की मुख्य पूजा के लिए करीब 46 मिनट का समय मिलेगा। मध्यरात्रि का समय लगभग 11:47 बजे रहेगा।

जन्माष्टमी 2026 के प्रमुख समय

  • जन्माष्टमी: 4 सितंबर 2026, शुक्रवार
  • निशीथ पूजा मुहूर्त: रात 11:24 बजे से 12:10 बजे तक
  • निशीथ काल की अवधि: करीब 46 मिनट
  • मध्यरात्रि का क्षण: लगभग रात 11:47 बजे
  • दही हांडी: 5 सितंबर 2026, शनिवार
  • व्रत पारण: धार्मिक परंपरा के अनुसार 5 सितंबर को सूर्योदय के बाद किया जा सकता है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि शहर बदलने पर निशीथ पूजा के समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। उदाहरण के लिए बिहार के अलग-अलग स्थानों के पंचांग में पूजा का समय कुछ मिनट आगे-पीछे दिया गया है। इसलिए पूजा करने वाले श्रद्धालु अपने शहर के स्थानीय पंचांग के समय को प्राथमिकता दें।

Krishna Janmashtami 2026 शुभ मुहूर्त: इस समय करें भगवान श्रीकृष्ण की पूजा

निशीथ काल में क्या करें?

निशीथ काल शुरू होने से पहले पूजा की सभी तैयारियां पूरी कर लेना बेहतर माना जाता है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं। इसके बाद उन्हें फूल, तुलसी दल, माखन-मिश्री और अन्य प्रसाद अर्पित किया जाता है।

मध्यरात्रि के समय भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाकर आरती और भजन-कीर्तन किया जाता है। इसके बाद परिवार की परंपरा और स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत पारण किया जाता है।

नोट: जन्माष्टमी के मुहूर्त अलग-अलग शहरों के अक्षांश-देशांतर और स्थानीय पंचांग की गणना के कारण बदल सकते हैं। इसलिए अपने शहर के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X

Like this:

Like Loading…
TAGGED: Janmashtami 2026, Janmashtami Puja Muhurat, Krishna Janmashtami, Krishna Janmashtami 2026: क्यों मनाई जाती है जन्माष्टमी? शुभ मुहूर्त, Krishna Janmashtami Date, जन्माष्टमी 2026, जन्माष्टमी पूजा विधि, पूजा विधि, व्रत और श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ी खास बातें, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

IIT ISM Dhanbad के शोधार्थी डॉ. शत्रुघ्न ठाकुर की बड़ी उपलब्धि, Italy में बने Design Engineer

September 4, 2026
IPL 2027 से पहले KKR के सामने बड़ा सवाल: हार्दिक पांड्या या KL राहुल, कौन संभालेगा कप्तानी?
खेलताजा खबर

IPL 2027 से पहले KKR के सामने बड़ा सवाल: हार्दिक पांड्या या KL राहुल, कौन संभालेगा कप्तानी?

September 3, 2026
Ranchi Coaching Centre Seal: रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील, बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावक जरूर जांचें ये 7 बातें
ताजा खबर

Ranchi Coaching Centre Seal: रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील, बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावक जरूर जांचें ये 7 बातें

September 3, 2026
Toxic Review: Yash का Swag और जबरदस्त Action, फिर भी क्यों अधूरी लगती है फिल्म? जानें कैसी है ‘Toxic’
ताजा खबरमनोरंजनराज्य

Toxic Review: Yash का Swag और जबरदस्त Action, फिर भी क्यों अधूरी लगती है फिल्म? जानें कैसी है ‘Toxic’

September 2, 2026
finel logo png

The Palash News

Facebook Twitter Youtube Wordpress

About Us

ThePalashNews ( दपलाशन्यूज ) न्यूज़ लेखक और ब्लॉगर द्वारा बनाया गया है. दपलाशन्यूज का मुख्य उद्देश्य है ताज़ा जानकारी को सबसे तेज सबसे रीडर तक पहुँचाना। इस न्यूज़ ब्लॉग को बनाने के लिए कई सारे एक्सपर्ट लेखक दिन रात अथक प्रयास में रहते है. दपलाशन्यूज का मुख्य उद्देश्य अपने पाठको को वेब और मोबाइल पर ऑनलाइन समाचार देखने वाले दर्शकों का एक वफादार आधार बना रहा है। हम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, उपयोगकर्ता रुचि जानकारी, अजीब समाचार, ज्योतिष समाचार, व्यापार समाचार, खेल समाचार, जीवन शैली समाचार इत्यादि को कवर करने वाले तेज़ और सटीक समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Policies Links

  • Privacy Policy
  • Correction Policy
  • Fact Checking Policy
  • Disclaimer
  • Our Team
  • Contact Us
  • About Us
Category Links
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
      • राँची
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri

About Us

Copyright © 2024 The Palash News

Removed from reading list

Undo
Go to mobile version
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?
%d