Ranchi Coaching Centre Seal: रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील, बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावक जरूर जांचें ये 7 बातें
Ranchi Coaching Centre Seal: राजधानी रांची में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर लालपुर स्थित हरिओम टावर में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया गया है। वहीं, शहर के अन्य 18 कोचिंग संस्थानों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
नगर निगम की इस कार्रवाई ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसी कोचिंग संस्थान में बच्चे का दाखिला कराने से पहले किन-किन सुरक्षा मानकों की जांच करनी चाहिए?
रांची में 5 कोचिंग संस्थान सील
रांची नगर निगम ने लालपुर के हरिओम टावर में संचालित पांच कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान संस्थानों में सुरक्षा और भवन संबंधी कई मानकों की जांच की गई।
सील किए गए संस्थानों में शामिल हैं:
- द पाठशाला
- पतंजलि IAS एकेडमी
- मोशन एकेडमी
- CLAT Preparation
- चैतन्या IAS एकेडमी
नगर निगम के अनुसार, संबंधित संस्थानों को पहले नोटिस जारी कर कमियां दूर करने और आवश्यक मानकों का पालन करने का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक सुधार नहीं किए जाने के बाद सीलिंग की कार्रवाई की गई।
सिर्फ ट्रेड लाइसेंस नहीं, कई सुरक्षा मानकों की हुई जांच
नगर निगम की जांच केवल ट्रेड लाइसेंस तक सीमित नहीं रही। अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- फायर NOC
- अग्नि सुरक्षा व्यवस्था
- विद्युत सुरक्षा
- प्रवेश और निकास की व्यवस्था
- Emergency Exit
- क्लासरूम की क्षमता
- वेंटिलेशन
- भवन की स्थिति
- ट्रेड लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज
नगर निगम के अनुसार, कुछ संस्थानों में सुरक्षा और भवन मानकों से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। नोटिस दिए जाने के बावजूद सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की गई।
बच्चे का एडमिशन कराने से पहले जरूर जांचें ये 7 बातें
नगर निगम की कार्रवाई के बाद अभिभावकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि वे अपने बच्चों को किसी भी कोचिंग संस्थान में दाखिला दिलाने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूर करें।
1. Fire NOC है या नहीं?
सबसे पहले यह पता करें कि कोचिंग संस्थान के पास आग से सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक मंजूरी यानी Fire NOC है या नहीं।
सिर्फ दीवार पर Fire Extinguisher लगा होना पर्याप्त नहीं है। यह जानना भी जरूरी है कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
2. Emergency Exit कहां है?
किसी भी कोचिंग संस्थान में Emergency Exit की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होती है।
अभिभावकों और छात्रों को यह जरूर देखना चाहिए कि आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध है या नहीं। अगर बड़ी संख्या में छात्रों के लिए सिर्फ एक संकरा रास्ता है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
3. एक कमरे में कितने छात्र बैठते हैं?
कोचिंग संस्थान में क्लासरूम का आकार और उसमें बैठने वाले छात्रों की संख्या की जानकारी जरूर लें।
क्षमता से अधिक छात्रों को छोटे कमरे में बैठाना न केवल असुविधाजनक है, बल्कि किसी आपात स्थिति में खतरा भी बढ़ा सकता है।
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4. Ventilation और हवा की पर्याप्त व्यवस्था
क्लासरूम में पर्याप्त हवा और रोशनी की व्यवस्था होना भी जरूरी है।
यह देखें कि कमरे में खिड़कियां, वेंटिलेशन और हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था है या नहीं। लंबे समय तक चलने वाली कक्षाओं में यह छात्रों के आराम और सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
5. बिजली की वायरिंग और इलेक्ट्रिकल सुरक्षा
कोचिंग सेंटर में खुले बिजली के तार, ओवरलोडेड बोर्ड, खराब स्विच या अव्यवस्थित इलेक्ट्रिकल कनेक्शन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अभिभावक संस्थान प्रबंधन से विद्युत सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
6. Trade Licence और जरूरी दस्तावेज
कोचिंग संस्थान के पास वैध Trade Licence और अन्य जरूरी दस्तावेज हैं या नहीं, इसकी जानकारी लेना भी महत्वपूर्ण है।
रांची नगर निगम ने अपनी जांच में ट्रेड लाइसेंस को प्रमुख बिंदुओं में शामिल किया है। इसलिए केवल संस्थान की लोकप्रियता देखकर दाखिला कराने के बजाय उसके जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की जानी चाहिए।
7. खुद जाकर भवन और सुरक्षा व्यवस्था देखें
बच्चे का एडमिशन कराने से पहले अभिभावकों को खुद एक बार संस्थान जाकर निरीक्षण करना चाहिए।
इन बातों पर जरूर ध्यान दें:
- भवन की स्थिति कैसी है?
- सीढ़ियां सुरक्षित हैं या नहीं?
- प्रवेश और निकास के रास्ते पर्याप्त हैं या नहीं?
- Emergency Exit मौजूद है या नहीं?
- क्लासरूम में पर्याप्त जगह है या नहीं?
- छात्रों की संख्या क्षमता से अधिक तो नहीं है?
सिर्फ किसी संस्थान के बड़े नाम या लोकप्रियता के आधार पर उसकी सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
रांची के 18 अन्य कोचिंग संस्थानों पर भी हो सकती है कार्रवाई
रांची नगर निगम ने शहर के कुल 18 कोचिंग संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। इनमें से पांच संस्थानों को सील किया जा चुका है, जबकि अन्य चिन्हित संस्थानों के दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच जारी है।
ऐसे में आने वाले दिनों में शहर के अन्य Coaching Centres पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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कोचिंग संचालकों ने भी उठाए सवाल
दूसरी ओर, कुछ कोचिंग संस्थान संचालकों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए हैं।
उनका कहना है कि भवन से जुड़े कुछ दस्तावेज और व्यवस्थाएं, जैसे ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और भवन का फायर फाइटिंग सिस्टम, केवल कोचिंग संचालकों के नियंत्रण में नहीं होते। इनमें भवन मालिक और संबंधित सरकारी विभागों की भी भूमिका होती है।
संचालकों का तर्क है कि भवन की फायर सेफ्टी और ऑक्यूपेंसी से जुड़ी जिम्मेदारी को केवल अलग-अलग कोचिंग संस्थानों पर पूरी तरह नहीं डाला जाना चाहिए।
हालांकि, इस बहस के बीच सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा छात्रों की सुरक्षा का है। किसी भी संस्थान में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित भवन, पर्याप्त निकासी व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी है।
निष्कर्ष
रांची नगर निगम की कार्रवाई ने कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शिक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चे का एडमिशन कराने से पहले सिर्फ कोचिंग के रिजल्ट, फीस या नाम पर ध्यान न दें, बल्कि संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी दस्तावेजों की भी जांच करें।
याद रखें, बेहतर शिक्षा जरूरी है, लेकिन सुरक्षित माहौल उससे भी ज्यादा जरूरी है।