Bapi Da Snake Expert: कौन हैं बापी दा? कहाँ हैं, क्या करते हैं और किन साँपों के बारे में जानकारी देते हैं?
Bapi Da Snake Expert
भारत में साँपों को लेकर लोगों के मन में अक्सर डर और भ्रम रहता है। हर वर्ष हजारों लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं। ऐसे समय में कुछ लोग जागरूकता फैलाने और साँपों के संरक्षण का काम भी कर रहे हैं। इन्हीं नामों में एक चर्चित नाम Bapi Da Snake Expert का है। सोशल मीडिया और YouTube के माध्यम से बापी दा ने लाखों लोगों तक साँपों और सर्पदंश से जुड़ी जानकारी पहुँचाई है।
कौन हैं Bapi Da Snake Expert?
Bapi Da Snake Expert एक प्रसिद्ध Snake Rescuer और Wildlife Awareness Educator के रूप में जाने जाते हैं। उनके YouTube चैनल पर लाखों लोग जुड़े हुए हैं। चैनल के विवरण के अनुसार उनकी टीम लगभग 25 वर्षों से साँपों और अन्य वन्य जीवों का रेस्क्यू कर रही है तथा उन्हें सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ती है। उनका मुख्य उद्देश्य लोगों को साँपों के बारे में सही जानकारी देना, अनावश्यक डर दूर करना और इंसानों व साँपों दोनों की सुरक्षा करना है।
उनका काम क्या है?\
बापी दा और उनकी टीम मुख्य रूप से निम्न कार्यों के लिए जाने जाते हैं—
- घरों, खेतों और अन्य स्थानों से साँपों का सुरक्षित रेस्क्यू।
- साँपों को बिना नुकसान पहुँचाए जंगल या सुरक्षित प्राकृतिक स्थान पर छोड़ना।
- लोगों को जहरीले और गैर-जहरीले साँपों की पहचान के बारे में जागरूक करना।
- सर्पदंश होने पर सही प्राथमिक उपचार की जानकारी देना।
- सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने की सलाह देना।
किन साँपों के बारे में जानकारी देते हैं?
उनके वीडियो में भारत में पाए जाने वाले कई प्रमुख साँपों को दिखाया जाता है। इनमें शामिल हैं—
- Indian Cobra (कोबरा)
- Common Krait (करैत)
- Russell’s Viper (रसेल वाइपर)
- Saw-scaled Viper (फुरसा)
- Rat Snake (धामन)
- Checkered Keelback (पानी का साँप)
- Trinket Snake
- Wolf Snake
- Green Vine Snake
- Python (अजगर)
इसके अलावा भी वे विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के बारे में जानकारी साझा करते हैं और बताते हैं कि हर साँप जहरीला नहीं होता।
क्या उनके पास सभी साँपों के काटने का इलाज है?
सोशल मीडिया पर अक्सर यह कहा जाता है कि बापी दा सभी साँपों के काटने का इलाज करते हैं। लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि वे हर प्रकार के सर्पदंश का चिकित्सा उपचार स्वयं करते हैं।
उनके चैनल के विवरण में लिखा गया है कि सर्पदंश होने पर उनकी टीम मार्गदर्शन देने और मरीज की मदद का प्रयास करती है। लेकिन भारत में वैज्ञानिक और सरकारी स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के अनुसार जहरीले साँप के काटने का प्रमाणित उपचार केवल अस्पताल में Anti Snake Venom (ASV) और विशेषज्ञ चिकित्सा देखरेख से ही किया जाता है। इसलिए किसी भी सर्पदंश की स्थिति में सबसे पहले नजदीकी अस्पताल पहुँचना चाहिए।
सर्पदंश होने पर क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को साँप काट ले तो—
- घबराएँ नहीं।
- मरीज को शांत रखें।
- प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएँ।
- कोई झाड़-फूँक, चीरा लगाना या ज़हर चूसने जैसी गलत विधि न अपनाएँ।
- तुरंत 108 एम्बुलेंस या नजदीकी अस्पताल पहुँचें।
- यदि संभव हो तो साँप की फोटो सुरक्षित दूरी से लें, लेकिन उसे पकड़ने की कोशिश न करें।
- घाव पर चीरा न लगाएँ।
- ज़हर चूसने की कोशिश न करें।
- रस्सी या कपड़े से बहुत कसकर बाँधने (टूर्निकेट) से बचें।
- झाड़-फूँक, घरेलू नुस्खों या अप्रमाणित दवाओं के भरोसे इलाज में देरी न करें।
Bapi Da से कैसे संपर्क करें?
उनके YouTube चैनल के विवरण के अनुसार सर्पदंश या रेस्क्यू संबंधी सहायता के लिए वे अपने वीडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क की जानकारी साझा करते हैं। वे Facebook और Instagram पर भी सक्रिय हैं तथा लोगों से जागरूकता फैलाने की अपील करते हैं।
वे कहाँ हैं और कैसे जाएँ?
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध स्रोतों में उनके कार्यक्षेत्र का उल्लेख मिलता है, लेकिन उनके रेस्क्यू सेंटर या क्लिनिक का स्पष्ट और आधिकारिक पता उपलब्ध नहीं है। इसलिए यदि कोई उनसे मिलना चाहता है तो पहले उनके आधिकारिक YouTube या सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क कर समय और स्थान की पुष्टि करना उचित रहेगा। बिना पुष्टि के किसी स्थान पर जाने की योजना नहीं बनानी चाहिए।
निष्कर्ष
Bapi Da Snake Expert ने साँपों के संरक्षण और सर्पदंश के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके वीडियो लोगों को साँपों की पहचान, बचाव और सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं। हालांकि, यह याद रखना आवश्यक है कि जहरीले साँप के काटने पर सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक उपचार केवल अस्पताल में उपलब्ध Anti Snake Venom और प्रशिक्षित डॉक्टरों की देखरेख में ही होता है। इसलिए किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहले चिकित्सा सहायता लेना ही सर्वोत्तम कदम है।