How Safe Is Taking Medical Advice from AI ? Oxford Research Reveals Shocking Truth !
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च ने खोले चौंकाने वाले राज
आज के डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, नौकरी, व्यापार, मनोरंजन से लेकर अब स्वास्थ्य सलाह तक—हर जगह AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। लेकिन हाल ही में University of Oxford की एक स्टडी ने इस बढ़ते ट्रेंड पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस रिसर्च के अनुसार, AI चैटबॉट्स द्वारा दी जाने वाली मेडिकल सलाह कई बार गलत, अधूरी और भ्रमित करने वाली होती है, जो यूज़र्स के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने लगभग 1300 लोगों पर एक अध्ययन किया। इन लोगों को अलग-अलग मेडिकल परिस्थितियां दी गईं, जैसे:
- तेज सिरदर्द होना
- लगातार थकान महसूस होना
- नई मां का अत्यधिक कमजोर महसूस करना
- सांस लेने में परेशानी
- सीने में दर्द
इसके बाद प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया:
✔️ पहला समूह:
जो डॉक्टर या पारंपरिक जानकारी पर निर्भर रहा।
✔️ दूसरा समूह:
जो AI चैटबॉट की मदद से अपनी बीमारी समझने की कोशिश करने लगा।
रिसर्च के बाद यह देखा गया कि कौन लोग सही बीमारी पहचान पाए और सही समय पर डॉक्टर के पास गए।
नतीजे क्या बताते हैं?
स्टडी के नतीजे काफी चिंताजनक थे:
🔴 1. गलत सलाह का खतरा
AI यूज़र्स को कभी सही तो कभी गलत सलाह मिली। इससे वे तय नहीं कर पाए कि किस बात पर भरोसा करें।
🔴 2. सवाल पूछने में दिक्कत
ज्यादातर लोग सही मेडिकल सवाल नहीं पूछ पाए, जिससे AI ने अधूरी जानकारी के आधार पर जवाब दिया।
🔴 3. अलग-अलग जवाब
एक ही समस्या को अलग तरीके से पूछने पर AI ने अलग-अलग उत्तर दिए।
🔴 4. भ्रम की स्थिति
AI कई संभावित बीमारियों की सूची दे देता था, जिससे यूज़र खुद अंदाजा लगाने लगता था—जो खतरनाक हो सकता है।
डॉक्टरों की राय क्या है?
डॉ. रेबेका पेन (मुख्य शोधकर्ता)
डॉ. रेबेका पेन के अनुसार:
“AI से अपने लक्षणों के बारे में पूछना कई बार खतरनाक हो सकता है, क्योंकि लोग इसे डॉक्टर का विकल्प समझने लगते हैं।”
🧠 डॉ. एडम महदी
उन्होंने कहा:
“AI जानकारी तो देता है, लेकिन उपयोगी सलाह देने में असफल रहता है।”
एंड्रयू बीन (लीड लेखक)
उन्होंने बताया कि:
“इंसानों से बातचीत करना आज भी AI के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।”
BBC की रिपोर्ट और सामाजिक प्रभाव
इस रिसर्च पर BBC ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की।
रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में हुए सर्वे में यह सामने आया कि:
👉 ब्रिटेन के हर तीन में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य के लिए AI का इस्तेमाल कर रहा है।
यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग तेजी से डिजिटल हेल्थ पर निर्भर हो रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य और AI
आज तनाव, डिप्रेशन, एंग्जायटी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाय AI से बात करना आसान समझते हैं।
इसके फायदे:
✔️ तुरंत जवाब
✔️ कम खर्च
✔️ गोपनीयता
✔️ शर्म या डर नहीं
लेकिन नुकसान:
❌ गलत सलाह
❌ भावनात्मक समझ की कमी
❌ गंभीर बीमारी की अनदेखी
❌ आत्म-निदान (Self Diagnosis)
🎓 येल यूनिवर्सिटी की राय
Yale School of Medicine की प्रोफेसर डॉ. एम्बर चाइल्ड्स का कहना है:
“AI पुराने मेडिकल डेटा पर ट्रेन होता है, जिसमें पहले से मौजूद भेदभाव और गलतियां शामिल होती हैं।”
यानी AI वही दोहराता है, जो पहले सिस्टम में मौजूद रहा है।
⚙️ टेक्नोलॉजी कंपनियों की नई पहल
मेडिकल AI के भविष्य को देखते हुए कुछ बड़ी कंपनियों ने विशेष हेल्थ चैटबॉट्स लॉन्च किए हैं।
🔹 OpenAI
OpenAI ने हेल्थ-फोकस्ड मॉडल विकसित किए हैं।
🔹 Anthropic
Anthropic ने भी सुरक्षित AI सिस्टम पर काम शुरू किया है।
डॉ. बर्टालन मेस्को के अनुसार, ये नए मॉडल भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
📊 क्यों AI मेडिकल सलाह में कमजोर है?
1️⃣ अधूरी जानकारी
मरीज पूरी बात नहीं बताता।
2️⃣ भावनात्मक समझ नहीं
AI इंसान की भावना नहीं समझ पाता।
3️⃣ अनुभव की कमी
डॉक्टर सालों का अनुभव रखते हैं, AI नहीं।
4️⃣ संदर्भ की कमी
एक ही लक्षण कई बीमारियों में हो सकता है।
भारत में स्थिति
भारत में भी AI मेडिकल ऐप्स और चैटबॉट्स तेजी से बढ़ रहे हैं।
लोकप्रिय कारण:
✔️ डॉक्टर की कमी
✔️ ग्रामीण इलाकों में सुविधा
✔️ सस्ता इलाज
✔️ मोबाइल की उपलब्धता
लेकिन सही रेगुलेशन न होने से खतरा भी बढ़ रहा है।
नियम और कानून की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि AI हेल्थ सिस्टम के लिए जरूरी है:
✔️ सरकारी नियंत्रण
✔️ मेडिकल गाइडलाइंस
✔️ डेटा प्राइवेसी
✔️ जवाबदेही सिस्टम
✔️ सर्टिफिकेशन
जब तक ये नियम लागू नहीं होंगे, तब तक AI पर पूरी तरह भरोसा करना जोखिम भरा रहेगा।
भविष्य में क्या होगा?
आने वाले समय में AI मेडिकल क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है:
संभावित फायदे:
✅ शुरुआती जांच
✅ रिपोर्ट विश्लेषण
✅ डॉक्टर की मदद
✅ ग्रामीण सेवा
✅ इमरजेंसी अलर्ट
लेकिन शर्त:
AI को डॉक्टर का सहायक बनाया जाए, विकल्प नहीं।
आम लोगों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप AI से मेडिकल सलाह लेते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
✔️ गंभीर बीमारी में डॉक्टर से मिलें
✔️ AI को अंतिम फैसला न मानें
✔️ पूरी जानकारी दें
✔️ लक्षण छुपाएं नहीं
✔️ रिपोर्ट जरूर दिखाएं
निष्कर्ष
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की यह स्टडी हमें चेतावनी देती है कि:
“AI तकनीक मददगार हो सकती है, लेकिन डॉक्टर का विकल्प नहीं।”
AI से हमें जानकारी मिल सकती है, दिशा मिल सकती है, लेकिन इलाज और निर्णय के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर ही सबसे सुरक्षित रास्ता हैं।
अगर हम AI का सही तरीके से, सीमित दायरे में उपयोग करें, तो यह स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। लेकिन अंधा भरोसा हमारी सेहत के लिए खतरा बन सकता है।
“News Sources:- AI and other news portal ”
