The Palash NewsThe Palash News
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
      • राँची
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri
Notification Show More
Latest News
UP Politics: सपा में बड़ी टूट का दावा, केशव मौर्य बोले- 25-26 सांसद BJP में आने को तैयार
UP Politics: सपा में बड़ी टूट का दावा, केशव मौर्य बोले- 25-26 सांसद BJP में आने को तैयार
ताजा खबर बिहार राजनीतिक
Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: मतदान से पहले हाई अलर्ट, रांची में सादी वर्दी में तैनात हुए खुफिया अधिकारी
Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: मतदान से पहले हाई अलर्ट, रांची में सादी वर्दी में तैनात हुए खुफिया अधिकारी
झारखंड ताजा खबर राजनीतिक
Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?
Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?
ताजा खबर
लेकिन सवाल यह है"नशा मुक्ति अभियान" कि क्या केवल शपथ लेने और जागरूकता अभियान चलाने से नशे की समस्या खत्म हो जाएगी?
नशा मुक्ति अभियान कि क्या केवल शपथ लेने और जागरूकता अभियान चलाने से नशे की समस्या खत्म हो जाएगी?
कानून झारखंड ताजा खबर राँची
PM Kisan Yojna 23वीं किस्त की तारीख घोषित: 20 जून को किसानों के खाते में आएंगे ₹2000, ऐसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस
PM Kisan Yojna 23वीं किस्त की तारीख घोषित: 20 जून को किसानों के खाते में आएंगे ₹2000, ऐसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस
ताजा खबर
Aa
Aa
The Palash NewsThe Palash News
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • खेल
  • तकनीकी
  • पर्व/त्योहार
  • मनोरंजन
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यापार
  • शिक्षा/कैरियर
  • सरकारी योजना
  • Motivational Talk
  • वेबस्टोरीज
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri
Follow US
ताजा खबर

Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?

shivani oraon
Last updated: 2026/06/17 at 5:22 PM
shivani oraon
Share
8 Min Read
Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?
Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?
SHARE

Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?

Iran-US War 2026 : करीब 100 दिनों से ज्यादा समय तक चले भीषण संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान आखिरकार शांति समझौते की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। जिनेवा में प्रस्तावित समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी चल रही है। लेकिन युद्ध रुकने के साथ ही दुनिया भर में एक नया सवाल उठ खड़ा हुआ है—आखिर इस जंग का असली विजेता कौन है?

Contents
Iran-US War 2026: 100 दिन की जंग के बाद समझौता, क्या ट्रंप जीते या ईरान ने हारकर भी सबसे बड़ी बाजी मार ली?अमेरिका का मिशन क्या था?पहला झटका: सत्ता परिवर्तन का सपना अधूरादूसरा झटका: जनता सरकार के खिलाफ नहीं हुईतीसरा झटका: मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह खत्म नहीं हुआचौथा झटका: होर्मुज स्ट्रेट बना वैश्विक संकटपांचवां झटका: सहयोगी देशों की बढ़ी चिंताछठा झटका: आर्थिक बोझ बढ़ता गयासातवां झटका: परमाणु मुद्दा अब भी अधूराक्या ईरान ने रणनीतिक जीत हासिल की?क्या ट्रंप की जीत अधूरी रह गई?निष्कर्षIran-US War Ends? 108 दिन की जंग के बाद समझौते पर सहमति, 19 जून को हो सकते हैं शांति समझौते पर हस्ताक्षरSayani Ghosh Political Journey: टॉलीवुड से संसद तक, अब TMC छोड़ NDA के साथ?भारत के संविधान से झारखंड की पहचान तक!!Khan Sir Controversy: कोचिंग संस्थानों को बिहार सरकार की चेतावनी, शिक्षा मंत्री बोले- पढ़ाई छोड़ गुटबाजी बर्दाश्त नहीं !!
Iran-US War 2026
Iran-US War 2026

क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने घोषित लक्ष्यों को हासिल करने में सफल रहे, या फिर भारी नुकसान झेलने के बावजूद ईरान ने रणनीतिक स्तर पर सबसे बड़ी जीत दर्ज कर ली?

युद्ध खत्म होने के बाद सामने आ रहे विश्लेषण बताते हैं कि कई ऐसे मोर्चे थे जहां अमेरिका को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। यही वजह है कि अब इस संघर्ष को केवल सैन्य जीत या हार के नजरिए से नहीं, बल्कि रणनीतिक परिणामों के आधार पर भी देखा जा रहा है।

अमेरिका का मिशन क्या था?

जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, तब इसके कई बड़े लक्ष्य बताए गए थे।

  • ईरान की सैन्य शक्ति को कमजोर करना
  • बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम खत्म करना
  • परमाणु कार्यक्रम रोकना
  • क्षेत्रीय प्रभाव कम करना
  • सत्ता व्यवस्था पर दबाव बनाना

शुरुआत में अमेरिकी प्रशासन को भरोसा था कि कुछ ही हफ्तों में ईरान की क्षमता बुरी तरह टूट जाएगी। लेकिन तीन महीने बाद जो तस्वीर सामने आई, वह उम्मीदों से काफी अलग दिखाई देती है।

पहला झटका: सत्ता परिवर्तन का सपना अधूरा

युद्ध के शुरुआती दौर में ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों और वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया। माना जा रहा था कि शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बढ़ने से शासन व्यवस्था कमजोर पड़ जाएगी।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तमाम हमलों और दबाव के बावजूद ईरान की राजनीतिक संरचना पूरी तरह नहीं टूटी। यही पहला संकेत था कि युद्ध अपेक्षा के अनुसार आगे नहीं बढ़ रहा।

दूसरा झटका: जनता सरकार के खिलाफ नहीं हुई

युद्ध से पहले ईरान आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। कई क्षेत्रों में सरकार विरोधी माहौल भी दिखाई दे रहा था।

हालांकि संघर्ष बढ़ने के बाद हालात बदल गए। विदेशी हमलों और नागरिक हताहतों की खबरों ने राष्ट्रीय भावना को मजबूत कर दिया। सरकार विरोधी समूहों का एक हिस्सा भी बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ खड़ा दिखाई दिया।

विश्लेषकों का मानना है कि यह अमेरिका की रणनीतिक उम्मीदों के विपरीत परिणाम था।

Iran-US War 2026
Iran-US War 2026

तीसरा झटका: मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ

युद्ध का एक बड़ा उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को समाप्त करना था। इसके लिए लगातार हवाई हमले किए गए।

लेकिन संघर्ष समाप्ति की ओर बढ़ने के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। यही कारण है कि आलोचक सवाल उठा रहे हैं कि यदि मिसाइल कार्यक्रम अभी भी मौजूद है, तो क्या अमेरिका अपना प्रमुख लक्ष्य हासिल कर पाया?

चौथा झटका: होर्मुज स्ट्रेट बना वैश्विक संकट

दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है।

युद्ध के दौरान इस समुद्री मार्ग को लेकर तनाव बढ़ा, जिससे वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता देखने को मिली। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया।

आखिरकार यह मुद्दा सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में बढ़ता दिखाई दिया।

पांचवां झटका: सहयोगी देशों की बढ़ी चिंता

अमेरिका के सहयोगी देशों को उम्मीद थी कि यह अभियान क्षेत्र को ज्यादा सुरक्षित बनाएगा।

लेकिन संघर्ष बढ़ने के साथ खाड़ी क्षेत्र में तनाव भी बढ़ा। कई देशों ने महसूस किया कि युद्ध का विस्तार उनके लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। यही वजह रही कि कई क्षेत्रीय देश युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों में सक्रिय दिखाई दिए।

छठा झटका: आर्थिक बोझ बढ़ता गया

शुरुआत में इसे सीमित अवधि का अभियान माना जा रहा था, लेकिन समय बढ़ने के साथ इसकी आर्थिक लागत भी बढ़ती गई।

ऊर्जा कीमतों में उछाल, सैन्य खर्च और वैश्विक बाजारों पर दबाव ने इस युद्ध को आर्थिक रूप से भी महंगा बना दिया। इससे अमेरिका के भीतर भी युद्ध की लागत को लेकर बहस तेज हुई।

सातवां झटका: परमाणु मुद्दा अब भी अधूरा

युद्ध का सबसे बड़ा औचित्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बताया गया था।

लेकिन संघर्ष के अंत तक भी इस मुद्दे का स्थायी समाधान सामने नहीं आया। अब परमाणु विषय को अलग वार्ता प्रक्रिया के लिए छोड़ा जा रहा है।

यानी जिस मुद्दे को लेकर युद्ध शुरू हुआ था, उसी का अंतिम निपटारा अभी बाकी है।

क्या ईरान ने रणनीतिक जीत हासिल की?

सैन्य दृष्टि से देखें तो ईरान को भारी नुकसान हुआ। कई ठिकाने प्रभावित हुए, आर्थिक चुनौतियां बढ़ीं और देश को बड़ा झटका लगा।

लेकिन रणनीतिक दृष्टिकोण से तस्वीर अलग दिखाई देती है।

ईरान अपनी सत्ता व्यवस्था को बचाने, मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म होने से रोकने और अंतरराष्ट्रीय बातचीत में अपनी भूमिका बनाए रखने में सफल रहा। यही कारण है कि कई विशेषज्ञ इसे “रणनीतिक जीवित बचाव” (Strategic Survival) की सफलता मान रहे हैं।

Iran-US War 2026
Iran-US War 2026

क्या ट्रंप की जीत अधूरी रह गई?

अमेरिका ने ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचाया और उस पर अभूतपूर्व दबाव बनाया। लेकिन यदि घोषित लक्ष्यों की सूची को देखा जाए तो कई महत्वपूर्ण उद्देश्य अधूरे दिखाई देते हैं।

यही वजह है कि युद्ध समाप्त होने के बाद भी यह बहस जारी है कि क्या यह अमेरिका की जीत थी, ईरान की जीत थी या फिर दोनों पक्षों की थकान से निकला समझौता।

निष्कर्ष

100 दिनों से ज्यादा चली इस जंग ने मध्य पूर्व की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। युद्ध भले ही रुकता दिखाई दे रहा हो, लेकिन इसके परिणामों पर बहस अभी लंबे समय तक जारी रहेगी।

एक बात जरूर साफ है—फरवरी में जिस आत्मविश्वास के साथ युद्ध शुरू हुआ था, जून में सामने आई शांति प्रक्रिया उससे काफी अलग तस्वीर पेश करती है। शायद यही कारण है कि कई विश्लेषक इस संघर्ष को “पूर्ण जीत या पूर्ण हार” नहीं, बल्कि “रणनीतिक समझौते की जंग” कह रहे हैं।

 इसे बी पढ़े :-

Iran-US War Ends? 108 दिन की जंग के बाद समझौते पर सहमति, 19 जून को हो सकते हैं शांति समझौते पर हस्ताक्षर

Sayani Ghosh Political Journey: टॉलीवुड से संसद तक, अब TMC छोड़ NDA के साथ?

भारत के संविधान से झारखंड की पहचान तक!!

Khan Sir Controversy: कोचिंग संस्थानों को बिहार सरकार की चेतावनी, शिक्षा मंत्री बोले- पढ़ाई छोड़ गुटबाजी बर्दाश्त नहीं !!

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X

Like this:

Like Loading…
TAGGED: America Iran Ceasefire, Donald Trump Iran War, Hormuz Strait Crisis, Iran America Peace Deal, Iran Missile Program, Iran Nuclear Issue, Iran US War 2026, Middle East War 2026, Trump Strategy Failure, US Iran Conflict Analysis
Share this Article
Facebook Twitter Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

UP Politics: सपा में बड़ी टूट का दावा, केशव मौर्य बोले- 25-26 सांसद BJP में आने को तैयार
ताजा खबरबिहारराजनीतिक

UP Politics: सपा में बड़ी टूट का दावा, केशव मौर्य बोले- 25-26 सांसद BJP में आने को तैयार

June 17, 2026
Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: मतदान से पहले हाई अलर्ट, रांची में सादी वर्दी में तैनात हुए खुफिया अधिकारी
झारखंडताजा खबरराजनीतिक

Jharkhand Rajya Sabha Election 2026: मतदान से पहले हाई अलर्ट, रांची में सादी वर्दी में तैनात हुए खुफिया अधिकारी

June 17, 2026
लेकिन सवाल यह है"नशा मुक्ति अभियान" कि क्या केवल शपथ लेने और जागरूकता अभियान चलाने से नशे की समस्या खत्म हो जाएगी?
कानूनझारखंडताजा खबरराँची

नशा मुक्ति अभियान कि क्या केवल शपथ लेने और जागरूकता अभियान चलाने से नशे की समस्या खत्म हो जाएगी?

June 17, 2026
PM Kisan Yojna 23वीं किस्त की तारीख घोषित: 20 जून को किसानों के खाते में आएंगे ₹2000, ऐसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस
ताजा खबर

PM Kisan Yojna 23वीं किस्त की तारीख घोषित: 20 जून को किसानों के खाते में आएंगे ₹2000, ऐसे चेक करें अपना नाम और स्टेटस

June 16, 2026
finel logo png

The Palash News

Facebook Twitter Youtube Wordpress

About Us

ThePalashNews ( दपलाशन्यूज ) न्यूज़ लेखक और ब्लॉगर द्वारा बनाया गया है. दपलाशन्यूज का मुख्य उद्देश्य है ताज़ा जानकारी को सबसे तेज सबसे रीडर तक पहुँचाना। इस न्यूज़ ब्लॉग को बनाने के लिए कई सारे एक्सपर्ट लेखक दिन रात अथक प्रयास में रहते है. दपलाशन्यूज का मुख्य उद्देश्य अपने पाठको को वेब और मोबाइल पर ऑनलाइन समाचार देखने वाले दर्शकों का एक वफादार आधार बना रहा है। हम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, उपयोगकर्ता रुचि जानकारी, अजीब समाचार, ज्योतिष समाचार, व्यापार समाचार, खेल समाचार, जीवन शैली समाचार इत्यादि को कवर करने वाले तेज़ और सटीक समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Policies Links

  • Privacy Policy
  • Correction Policy
  • Fact Checking Policy
  • Disclaimer
  • Our Team
  • Contact Us
  • About Us
Category Links
  • ताजा खबर
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • राज्य
    • झारखंड
      • राँची
    • बिहार
  • राजनीतिक
  • ऑटोमोबाइल
  • तकनीकी
  • धर्म
    • आज का राशिफल
    • पर्व/त्योहार
  • शिक्षा/कैरियर
  • Banking & Finance
  • व्यापार
  • मनोरंजन
    • Movie Review
    • खेल
    • लाइफ स्टाइल
    • वीडियो
  • सरकारी योजना
  • संपादकीय
  • वेबस्टोरीज
  • Motivational Talk
  • जीवनी
  • मनोरम कहानियाँ
  • Apply Naukri

About Us

Copyright © 2024 The Palash News

Removed from reading list

Undo
Go to mobile version
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?
%d