Jharkhand Bandh: JPSC-JSSC धांधली के विरोध में BJP का झारखंड बंद, रांची से जमशेदपुर तक सड़कें जाम
Jharkhand Bandh: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली तथा आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को झारखंड बंद बुलाया। बंद का असर राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, दुकानें बंद कराने की अपील की गई और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। वहीं, कुछ इलाकों में बंद का असर मिला-जुला रहा और बाजार व यातायात सामान्य रूप से चलते रहे।
रांची में सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किशोरगंज चौक पर कार्यकर्ताओं ने सड़क को चारों तरफ से जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। प्रदर्शनकारी हाथों में पार्टी के झंडे लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई और प्रशासन ने लगातार हालात पर नजर बनाए रखी।
झारखंड बंद का असर रांची के आईटीआई बस स्टैंड पर भी देखने को मिला। सामान्य दिनों की तुलना में यहां यात्रियों की संख्या काफी कम रही। बस चालक और कंडक्टर यात्रियों का इंतजार करते दिखाई दिए। यात्रियों की कमी के कारण कई बसें कम सवारियों के साथ रवाना हुईं। गुमला जाने वाली कुछ बसों में महज आठ-दस यात्री ही मौजूद थे। इससे बस स्टैंड पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम चहल-पहल रही।
नामकुम में NH-33 जाम, 28 बंद समर्थक हिरासत में
रांची के नामकुम और लोवाडीह इलाके में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शुरुआत में दुकानें खुली थीं और आवागमन सामान्य था, लेकिन सुबह करीब 10 बजे भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और दुकानों को बंद कराने लगे। इसके बाद नामकुम बाजार चौक पर कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और टायर जलाकर रांची-जमशेदपुर NH-33 को जाम कर दिया।
सड़क जाम होने के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की और करीब 11:30 बजे बंद समर्थकों को हिरासत में लेकर जाम खुलवाया। पुलिस के अनुसार, लोवाडीह से 11 और नामकुम से 17 बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया।
जमशेदपुर में भी सड़कों पर उतरे BJP कार्यकर्ता
JPSC और JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जमशेदपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। सुबह से ही कई चौक-चौराहों पर पार्टी के झंडे लेकर कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने सार्वजनिक वाहनों के परिचालन का विरोध किया और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से बंद का समर्थन करने की अपील की।
हालांकि, राज्य के सभी हिस्सों में बंद का असर एक जैसा नहीं रहा। कुछ जगहों पर दुकानें और यातायात प्रभावित हुए, जबकि कई क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं।
आजसू ने भी बंद का किया समर्थन
झारखंड बंद को आजसू पार्टी ने भी समर्थन दिया। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो छात्रों के समर्थन में मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका पहुंचे और महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। आजसू ने JPSC-JSSC मामले और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बंद को अपना समर्थन देने की बात कही।
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर साधा निशाना
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद और छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर राज्य सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है और इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर मजबूती से उठाया जाएगा।
बाबूलाल मरांडी ने पुलिस प्रशासन और रांची के उपायुक्त की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा विधानसभा में इस मामले को उठाकर सरकार से जवाब मांगेगी।
पाकुड़ में चार घंटे तक सड़क जाम
पाकुड़ के बिरसा चौक पर भी बंद समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकुड़-हिरणपुर मुख्य मार्ग को करीब चार घंटे तक बाधित रखा। सड़क जाम के कारण आम लोगों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ।
धनबाद और साहिबगंज में मिला-जुला असर
धनबाद के कतरास में बंद का असर मिला-जुला रहा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार और मुख्य सड़कों पर घूमकर दुकानदारों से बंद का समर्थन करने की अपील की। कुछ दुकानदारों ने कुछ समय के लिए दुकानें बंद भी रखीं, लेकिन कार्यकर्ताओं के आगे बढ़ने के बाद कई दुकानें दोबारा खुल गईं। क्षेत्र में बस, ऑटो और मालवाहक वाहनों की आवाजाही सामान्य रही।
साहिबगंज के बरहरवा में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार में घूमकर दुकानदारों से प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। कुछ समय के लिए दुकानें बंद रहीं, लेकिन प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी रही।
सरायकेला-खरसावां में भी बंद का मिला-जुला असर
सरायकेला-खरसावां जिले में भी झारखंड बंद का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहा। सरायकेला और खरसावां में अधिकांश दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं, जबकि राजनगर और अन्य इलाकों में आंशिक असर देखा गया।
राजनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया, जिससे यातायात बाधित रहा। पुलिस के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और सड़क पर यातायात बहाल कराया गया। वहीं, लंबी दूरी की बसों और कुछ यात्री वाहनों के नहीं चलने से यात्रियों को परेशानी हुई।
बरियातू में प्रदर्शन के दौरान तनाव
रांची के बरियातू इलाके में बंद के दौरान प्रदर्शन काफी उग्र हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी और बरियातू थाना प्रभारी प्रकाश रजक की वर्दी फट गई। इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
विधानसभा में भी गूंजा JPSC-JSSC विवाद
JPSC-JSSC मामले और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर झारखंड विधानसभा में भी विपक्षी विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। नारेबाजी और विरोध के कारण विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हुई। हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र की कार्यवाही पहले 12 अगस्त तक प्रस्तावित थी।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच राज्य सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गया है। मंत्री इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर भाजपा विधायकों के धरने को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे सामान्य राजनीतिक प्रदर्शन नहीं बताते हुए मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया और कहा कि इस तरह के प्रदर्शन के पीछे की मंशा की जांच होनी चाहिए।
JPSC-JSSC विवाद पर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
झारखंड बंद के दौरान एक बात साफ नजर आई कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा अब सिर्फ छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। भाजपा और आजसू ने छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार की ओर से प्रदर्शन और मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
फिलहाल JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों की नाराजगी और विपक्ष के विरोध के बीच झारखंड की सियासत गरमाई हुई है। बंद के दौरान रांची समेत कई जगहों पर सड़क जाम, प्रदर्शन और हिरासत की घटनाएं सामने आईं, जबकि कई जिलों में जनजीवन सामान्य भी रहा। अब इस पूरे विवाद पर सरकार की अगली कार्रवाई और छात्रों की मांगों को लेकर होने वाली बातचीत पर सभी की नजर बनी हुई है।
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