Jharkhand Rain Alert: झारखंड में मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, गेतलसूद डैम का जलस्तर 1933 फीट पहुंचा
Jharkhand Rain Alert: झारखंड के कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। लगातार बारिश के कारण नदियों, डैम और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी रांची के गेतलसूद डैम में भी पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर 1933 आरएल फीट तक पहुंच गया है। विभाग के अनुसार जलस्तर 1934 आरएल फीट तक पहुंचते ही डैम के सुरक्षा गेट खोले जा सकते हैं। वहीं, डैम की अधिकतम जलभराव क्षमता 1936 आरएल फीट बताई गई है।
बारिश को देखते हुए संबंधित विभाग गेतलसूद डैम के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। अगर जलस्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जाता है, तो सुरक्षा के मद्देनजर फाटक खोले जा सकते हैं।
गेतलसूद डैम के गेट खुलने पर बढ़ सकता है पानी का बहाव
स्वर्णरेखा नदी पर बने गेतलसूद डैम से सिकिदिरी स्थित हाइडल पावर प्लांट में बिजली उत्पादन के लिए नहर के जरिए लगातार पानी की आपूर्ति की जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण डैम में पानी की आवक बढ़ने से जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है।
यदि डैम के सुरक्षा गेट खोले जाते हैं तो निचले इलाकों में पानी का बहाव तेज हो सकता है। इसका असर स्वर्णरेखा नदी के आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल सकता है। डैम से पानी छोड़े जाने की स्थिति में रांची का प्रसिद्ध हुंडरू फॉल भी अपने रौद्र रूप में आ सकता है। इसके अलावा स्वर्णरेखा नदी के बहाव से मुरी होते हुए चांडिल डैम के जलस्तर में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
चंदवा में देवनद नदी उफान पर
लातेहार के चंदवा इलाके में सोमवार रात से हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। देवनद नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तालाब, पोखर और खेत भी पानी से भर गए हैं।
हालांकि, लगातार बारिश ने किसानों को राहत दी है। करीब एक सप्ताह पहले जिन खेतों में पानी की कमी के कारण दरारें दिखाई देने लगी थीं, वहां अब पर्याप्त पानी जमा हो गया है। किसान बारिश को खेती के लिए फायदेमंद मान रहे हैं।
गुमला में जलजमाव से बढ़ी परेशानी
गुमला जिले में मंगलवार सुबह से लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सड़कों पर जगह-जगह पानी जमा हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा। कई बच्चे छाता लेकर तो कुछ बरसाती पहनकर स्कूल पहुंचे। ग्रामीण इलाकों की कच्ची और खराब सड़कों पर जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कत हुई।
NH-33 पर पहाड़ का हिस्सा सड़क पर गिरा
लगातार बारिश के बीच टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग NH-33 पर चांडिल गोलचक्कर के पास बड़ा हादसा टल गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए काटे गए पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर सड़क पर आ गिरा।
पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण मिट्टी और पत्थरों के ढीले पड़ने को मलबा गिरने की वजह माना जा रहा है। राहत की बात यह रही कि जिस समय पहाड़ का हिस्सा सड़क पर गिरा, उस दौरान वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद सड़क निर्माण और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
सरायकेला में खरकई और संजय नदी उफान पर
सरायकेला-खरसावां जिले और आसपास के इलाकों में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। सोमवार शाम से जारी बारिश के कारण खरकई और संजय नदी का जलस्तर बढ़ गया है और दोनों नदियां उफान पर हैं।
दूसरी ओर, ओडिशा के मयूरभंज में भारी बारिश का असर भी क्षेत्र की नदियों पर देखने को मिल रहा है। खरकई नदी का जलस्तर सामान्य से करीब 20 फीट ऊपर पहुंचने और खतरे के निशान से ऊपर बहने की बात सामने आई है। नदी के आसपास के खेत-खलिहान और तालाब पानी से भर गए हैं।
मयूरहंड में बारिश से मिट्टी का घर ढहा
लगातार बारिश के कारण चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड के चोरिया गांव में एक मिट्टी का घर ध्वस्त हो गया। बताया गया कि दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण सुगिया देवी का घर गिर गया।
घर गिरने के बाद परिवार के सामने रहने, खाना बनाने और सोने की समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ित परिवार ने अंचल कार्यालय में आवेदन देकर क्षतिपूर्ति की मांग की है।
इटखोरी में बाजारों में सन्नाटा, किसानों में खुशी
इटखोरी प्रखंड में भी लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। डेली सब्जी बाजार में लोगों की आवाजाही कम रही, जबकि मेन रोड पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी। बारिश के कारण लोग जरूरी सामान खरीदने के लिए भी कम संख्या में घरों से बाहर निकले।
हालांकि, किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। किसान खेतों में पहुंचकर मेढ़ बांधने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने में जुटे हैं। कई इलाकों में खेत पानी से लबालब भर गए हैं।
कई घरों में घुसा बारिश का पानी
इटखोरी के कुछ इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलजमाव की समस्या भी बढ़ गई है। कई घरों में बारिश का पानी घुसने की शिकायत सामने आई है। कुछ मकानों की छत और दीवारों से पानी रिसने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
लगातार बारिश ने जहां खेतों और जलस्रोतों को पर्याप्त पानी दिया है, वहीं निचले इलाकों में जलजमाव और आवागमन की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
झारखंड में बारिश से दोहरा असर
झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर एक तरफ किसानों के लिए राहत के रूप में सामने आया है, तो दूसरी तरफ निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई नदियों का जलस्तर बढ़ने, डैम में पानी की आवक तेज होने और सड़कों पर जलजमाव के कारण लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
गेतलसूद डैम का जलस्तर 1933 आरएल फीट तक पहुंचना इस पूरे बारिश के दौर में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक है। 1934 आरएल फीट पर सुरक्षा गेट खोले जाने की स्थिति को देखते हुए विभाग की निगरानी बढ़ गई है। आने वाले समय में बारिश की स्थिति और डैम के जलस्तर पर सभी की नजर बनी रहेगी।