Jharkhand Ration Card News: 25 अगस्त तक अपात्रों के राशन कार्ड होंगे रद्द, सरकार का बड़ा आदेश
Jharkhand Ration Card News: झारखंड सरकार ने राशन कार्ड व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी अनाज का लाभ पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्यभर में गलत तरीके से राशन कार्ड का लाभ ले रहे अपात्र लाभुकों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार द्वारा चिन्हित अपात्र लोगों के राशन कार्ड 25 अगस्त तक हर हाल में निरस्त किए जाएं।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इस संबंध में राज्य के सभी उपायुक्तों (डीसी) को पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह अभियान भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा राइटफुल टारगेटिंग (KPI V2) के तहत उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर चलाया जा रहा है।
किन लोगों के राशन कार्ड होंगे रद्द?
सरकार के निर्देश के अनुसार ऐसे परिवार, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं और फिर भी राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं, उनके कार्ड रद्द किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में कार्यरत है।
- जो नियमित रूप से आयकर (इनकम टैक्स) का भुगतान करते हैं।
- जिनका बड़ा कारोबार या अधिक टर्नओवर वाला व्यवसाय है।
- जो संपन्न वर्ग की श्रेणी में आते हैं।
इन सभी मामलों में पूरे परिवार का राशन कार्ड निरस्त करने का निर्देश दिया गया है।
इन लाभुकों का होगा भौतिक सत्यापन
सरकार ने कुछ श्रेणियों के लाभुकों का भौतिक सत्यापन कराने का भी निर्देश दिया है। इनमें शामिल हैं—
- किसी कंपनी के डायरेक्टर।
- चार पहिया वाहन के मालिक।
- लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले साइलेंट बेनिफिशियरी।
- 18 वर्ष से कम आयु के सिंगल मेंबर राशन कार्ड धारक।
सत्यापन के बाद यदि ये लोग अपात्र पाए जाते हैं, तो नियमानुसार इनके नाम भी राशन कार्ड सूची से हटा दिए जाएंगे।
25 अगस्त तक पूरी करनी होगी कार्रवाई
विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि 25 अगस्त तक KPI V2 के आधार पर चिन्हित सभी अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके साथ ही अन्य संदिग्ध मामलों की भी समय पर जांच सुनिश्चित करने को कहा गया है।
31 अगस्त के बाद रुक सकता है अनाज का कोटा
सचिव ने अपने पत्र में चेतावनी दी है कि यदि जिलों ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो 31 अगस्त के बाद केंद्र सरकार चिन्हित अपात्र लाभुकों के अनुपात में राज्य के लिए खाद्यान्न आवंटन (कोटा) रोक सकती है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हो सकती है।
इसी कारण सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अभियान की साप्ताहिक समीक्षा करें और कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मुख्यालय को भेजें।
जरूरतमंदों तक पहुंचेगा राशन का लाभ
सरकार का मानना है कि इस अभियान से राशन वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और सरकारी अनाज का लाभ केवल पात्र एवं गरीब परिवारों तक पहुंचेगा। लंबे समय से अपात्र लाभुकों के कारण कई जरूरतमंद परिवार योजना का पूरा लाभ नहीं ले पा रहे थे। ऐसे में यह अभियान वास्तविक हकदारों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यदि किसी लाभुक का नाम सत्यापन के दौरान सूची में आता है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, जबकि अपात्र लाभुकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।