JPSC JSSC Protest Ranchi: जानिए कब शुरू हुआ आंदोलन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित किस नेता ने क्या कहा?
झारखंड-रांची, 7 अगस्त 2026: झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों युवाओं के आक्रोश और सरकार विरोधी नारों से गूंज रही है। JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन चल रहा है। रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम आंदोलन का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जहां राज्य के सभी 24 जिलों से आए हजारों छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। यह आंदोलन अब सिर्फ छात्रों का नहीं रह गया है, बल्कि झारखंड की सियासत का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को लेकर सदन के अंदर और बाहर भारी हंगामा देखा जा रहा है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि यह महाआंदोलन कब शुरू हुआ, छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं और इस पूरे विवाद पर झारखंड के प्रमुख नेताओं ने क्या कहा है।महाआंदोलन की शुरुआत कब और कैसे हुई?
इस बड़े छात्र आंदोलन की नींव 25 जुलाई 2026 को पड़ी, जब राज्यभर के छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने परीक्षाओं में हो रही लगातार गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में एकजुट होने का फैसला किया। इसके बाद, 29 जुलाई 2026 से छात्रों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरना और सत्याग्रह शुरू कर दिया।आंदोलन का मुख्य कारण 19 अप्रैल को आयोजित हुई 14वीं JPSC कंबाइंड प्रिलिमिनरी परीक्षा (PT) और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और ओएमआर (OMR) शीट में की गई गड़बड़ी है। छात्रों का आरोप है कि योग्य और सालों से मेहनत कर रहे अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर सीटों को पैसों के दम पर बेचा जा रहा है। वर्तमान में यह आंदोलन अपने बेहद उग्र दौर में है और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 6 दिनों से आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे हैं, जिससे उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?
सड़कों पर उतरे आक्रोशित छात्रों ने सरकार के सामने अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
परीक्षा तुरंत रद्द हो: 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।CBI और ED जांच: छात्रों को राज्य की CID जांच पर भरोसा नहीं है। उनकी मांग है कि पिछले 7 वर्षों में झारखंड में हुई सभी बड़ी नियुक्तियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जाए।
एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करना:
परीक्षा कराने वाली दागी एजेंसी TDPL के कामकाज की कड़ी स्क्रूटनी हो और उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए।
पारदर्शिता के लिए 5वां ऑप्शन:
JPSC JSSC Protest Ranchi: जानिए कब शुरू हुआ आंदोलन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित किस नेता ने क्या कहा?
भविष्य में होने वाली परीक्षाओं की OMR शीट में एक ‘5वां विकल्प’ जोड़ा जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।इस विवाद पर किस नेता ने क्या कहा? (बयानों की पूरी कड़ियां)झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे ने पूरी तरह तूल पकड़ लिया है। पक्ष, विपक्ष और छात्र नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है:
1. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (सरकार का पक्ष)आंदोलन के बढ़ते दबाव और विपक्ष के हमलों के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में सरकार का बचाव किया [⚡]।
उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा, “हमारी सरकार के आंख भी हैं, कान भी हैं और वह युवाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। हम इस मामले को कितनी गंभीरता से देख रहे हैं, यह मैं सीना चीर कर तो नहीं दिखा सकता। लेकिन झारखंड की जनता जानती है कि हम जिस चीज के पीछे पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही सांस लेते हैं।
“मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई कर रही हैं और अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। छात्रों से बातचीत के लिए सरकार ने एक” 5-सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी” का भी गठन किया है।
2. बाबूलाल मरांडी और भाजपा विधायक (विपक्ष का हमला)भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए के विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर रघुवर दास और हेमंत सोरेन सरकार की तुलना करते हुए वर्तमान सरकार पर तीखा हमला बोला [⚡]।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “झारखंड के होनहार युवाओं का भविष्य सरेआम बेचा जा रहा है। सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके सपनों का सौदा कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस नाकामी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”बीजेपी विधायकों ने विधानसभा परिसर में अपने गलों में “नौकरी के दुश्मन इस्तीफा दो” की तख्तियां लटकाकर प्रदर्शन किया और पूरे मामले को तुरंत CBI को सौंपने की मांग पर अड़े रहे।
3. जयराम महतो (JLKM नेता व विधायक)डुमरी विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित विधायक और युवाओं के बीच लोकप्रिय नेता जयराम महतो ने सीधे तौर पर छात्रों के सुर में सुर मिलाया [⚡]।
उन्होंने सदन के भीतर जोर-शोर से आवाज उठाते हुए कहा, “झारखंड के युवाओं के साथ यह अन्याय अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 14वीं JPSC परीक्षा में व्यापक पैमाने पर धांधली हुई है, इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। जेएसएससी परीक्षा कराने वाली दागी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो, तभी छात्रों को न्याय मिलेगा।”
4. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो (आंदोलन का नेतृत्व)स्टेडियम में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की स्थिति नाजुक बनी हुई है, लेकिन उनका हौसला कमजोर नहीं हुआ है [⚡]।
डॉक्टरों द्वारा अस्पताल शिफ्ट किए जाने की सलाह पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “मेरा शरीर भले कमजोर हो रहा है, लेकिन हमारी मांगें नहीं बदलेंगी। यह सरकार बेहद असंवेदनशील है जो केवल समय बिताने के लिए हमसे नाम मांग रही है, ठोस फैसला नहीं ले रही। अगर झारखंड राज्य के गठन के लिए हमारे पूर्वजों ने शहादत दी थी, तो परीक्षाओं की शुचिता और युवाओं के हक के लिए अगर हमें भी कुर्बानी देनी पड़ी, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। जब तक लिखित में परीक्षा रद्द करने का आदेश नहीं आता, यह अनशन जारी रहेगा।
अब तक क्या हुआ ? छात्रों के बढ़ते आक्रोश और 7 अगस्त को होने वाले झारखंड विधानसभा घेराव की चेतावनी को देखते हुए रांची प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और बैरिकेडिंग लगा दी गई है। राष्ट्रीय स्तर पर भी इस आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र संगठनों ने भी रांची के छात्रों का समर्थन किया है।ताजा अपडेट के अनुसार, सरकार के बुलावे पर छात्रों ने बातचीत का रास्ता खोलने के लिए एक 11-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (Delegation) तैयार किया है। अब देखना यह होगा कि सरकार के मंत्रियों की कमेटी और छात्रों के इस प्रतिनिधिमंडल के बीच होने वाली बैठक में क्या समझौता हो पाता है, या झारखंड के युवाओं का यह आक्रोश और उग्र रूप अख्तियार करेगा।
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