Nepal Flood: जाल में फंसी 5 साल की बच्ची बची, बाढ़ में खो गया पूरा परिवार
‘मेरी मम्मी कहां है?’— नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच 5 साल की एक मासूम बच्ची की यह पुकार हर किसी को झकझोर देने वाली है। बाढ़ के तेज बहाव के बीच बच्ची जाल में फंस गई और किसी तरह उसकी जान बच गई। लेकिन इस हादसे ने उससे उसका पूरा परिवार छीन लिया।
बाढ़ के बीच जाल में फंसी मासूम
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। इसी त्रासदी के बीच 5 साल की एक बच्ची की कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।
बताया जा रहा है कि बाढ़ के तेज पानी के बीच बच्ची बहने से बच गई क्योंकि वह एक जाल में फंस गई थी। इसी दौरान राहत और बचाव की कोशिशों के बीच बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
लेकिन बचाए जाने के बाद जब उसे अपने परिवार का पता नहीं चला तो वह अपनी मां को खोजने लगी। मासूम बार-बार अपनी मां के बारे में पूछती रही।
‘मेरी मम्मी कहां है?’
बाढ़ के बीच अपनी जान बच जाने के बावजूद बच्ची के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि उसकी मां कहां है। परिवार के दूसरे सदस्यों के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
एक तरफ जहां राहतकर्मी लोगों की जान बचाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ कई परिवार अपने अपनों की तलाश में परेशान हैं। इस बच्ची की स्थिति भी इसी दर्द को सामने लाती है।
प्राकृतिक आपदा ने मचाई तबाही
नेपाल में बाढ़ और भारी बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। पानी बढ़ने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कई जगहों पर सड़क और संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सबसे ज्यादा मुश्किल बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर लोगों को होती है। ऐसे समय में राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में काम करते हैं।
मासूम के लिए अब परिवार की तलाश
5 साल की यह बच्ची सुरक्षित बच गई, लेकिन उसके लिए सबसे बड़ी जरूरत अब अपने परिवार के बारे में जानकारी हासिल करना है। जिस उम्र में बच्चे मां-बाप का हाथ पकड़कर दुनिया को समझना शुरू करते हैं, उस उम्र में इस मासूम को अपने परिवार के बारे में सवाल करना पड़ रहा है।
‘मेरी मम्मी कहां है?’ जैसे सवाल के साथ सामने आई इस बच्ची की कहानी नेपाल में आई बाढ़ की भयावहता और मानवीय त्रासदी को बयां करती है।
निष्कर्ष
नेपाल की बाढ़ ने सिर्फ घर और संपत्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाया, बल्कि कई परिवारों को अपनों से भी दूर कर दिया। 5 साल की इस मासूम का बच जाना राहत की बात है, लेकिन अपने परिवार को खो देने का दर्द बेहद बड़ा है। अब उम्मीद यही है कि राहत और बचाव अभियान के बीच बच्ची के परिवार से जुड़ी कोई सकारात्मक जानकारी सामने आए और उसे जल्द से जल्द अपने अपनों का सहारा मिल सके।
इसे भी पढ़े :-