Sonam Wangchuk Hospitalized: शरीर में पोटैशियम की भारी कमी, इलाज और ड्रिप लेने से किया मना
Sonam Wangchuk Hospitalized: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल की ओर से जारी ताजा हेल्थ अपडेट के अनुसार, उनके शरीर में पोटैशियम की कमी, शरीर के एसिड-बेस संतुलन में गड़बड़ी और यूरिन में बढ़ते कीटोन स्तर जैसे संकेत सामने आए हैं। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत इलाज और IV फ्लूइड (ड्रिप) लेने की सलाह दी, लेकिन वांगचुक ने फिलहाल किसी भी तरह का इलाज, ड्रिप या ओआरएस लेने से इनकार कर दिया है। उनकी स्थिति पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
अस्पताल ने जारी किया हेल्थ अपडेट
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, भर्ती किए जाने के समय सोनम वांगचुक की नाड़ी (Pulse), रक्तचाप (Blood Pressure) और ऑक्सीजन स्तर सामान्य और स्थिर थे। हालांकि, मेडिकल जांच में कुछ गंभीर संकेत मिले हैं।
डॉक्टरों ने बताया कि ब्लड गैस एनालिसिस में ‘कंपनसेटेड एसिडोसिस’ पाया गया है। इसका अर्थ है कि शरीर में एसिड और क्षार (Acid-Base Balance) का संतुलन प्रभावित हुआ है, हालांकि शरीर अभी भी उसे संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है।
इसके अलावा, जांच में सीरम पोटैशियम का स्तर सामान्य से कम पाया गया। दोबारा की गई जांच में भी पोटैशियम की कमी बरकरार रही, जिससे डॉक्टरों की चिंता और बढ़ गई।
यूरिन में तेजी से बढ़ा कीटोन स्तर
डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती के समय सुबह सोनम वांगचुक के यूरिन में कीटोन का स्तर 1+ था, लेकिन दोपहर करीब 1 बजे तक यह बढ़कर 3+ हो गया।
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन नहीं लेने पर शरीर ऊर्जा के लिए फैट को तोड़ना शुरू कर देता है, जिससे कीटोन बनने लगते हैं। कीटोन का बढ़ा हुआ स्तर लंबे उपवास या भूख हड़ताल के दौरान शरीर पर पड़ रहे गंभीर प्रभाव का संकेत माना जाता है।
डॉक्टरों ने दी ड्रिप की सलाह, वांगचुक ने किया इनकार
स्वास्थ्य रिपोर्ट सामने आने के बाद डॉक्टरों ने सोनम वांगचुक को इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड, ओआरएस और अन्य आवश्यक दवाएं देने की सलाह दी।
लेकिन अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वांगचुक ने फिलहाल किसी भी तरह की ड्रिप, ओआरएस या दवा लेने से साफ इनकार कर दिया है।
इसके बाद अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर लगातार उन्हें इलाज स्वीकार करने के लिए समझाने की कोशिश कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य वांगचुक के स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम रख रही है नजर
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि सोनम वांगचुक की निगरानी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम बनाई गई है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और समय-समय पर जरूरी मेडिकल जांच भी की जा रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति में और गिरावट आती है तो तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय कदम उठाने की तैयारी रखी गई है।
प्रदर्शन स्थल से अस्पताल ले गई पुलिस
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह पुलिस सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से अपने साथ लेकर गई। इसके बाद सुबह करीब 7 बजकर 40 मिनट पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी मेडिकल जांच की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संबंधी संकेत सामने आए।
क्यों कर रहे हैं भूख हड़ताल?
सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। यह भूख हड़ताल राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े विद्यार्थियों की मौत के मामलों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में की जा रही है।
यह विरोध प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जारी है और वांगचुक इसमें अपना समर्थन जता रहे हैं।
9.5 किलोग्राम तक घटा वजन
डॉक्टरों के मुताबिक, भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से सोनम वांगचुक का करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है।
लंबे समय तक भोजन नहीं लेने की वजह से शरीर में ऊर्जा, इलेक्ट्रोलाइट्स और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होने लगती है, जिससे कई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसी कारण डॉक्टर लगातार उन्हें इलाज और पोषण लेने की सलाह दे रहे हैं।
आगे क्या?
फिलहाल सोनम वांगचुक अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उन्होंने अभी तक ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार किया है। ऐसे में डॉक्टर लगातार उन्हें इलाज स्वीकार करने के लिए काउंसलिंग कर रहे हैं।
आने वाले समय में उनकी स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल टीम की सलाह के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।