रक्त, स्याही और बलिदान
रक्त, स्याही और बलिदान 1930 का दौर था। बंगाल की हवाओं में…
तेरा वर्तमान निर्धन होगा
तेरा वर्तमान निर्धन होगा ✨ वर्तमान का अमृत कलश: जीवन का सच्चा…
कागज़ का मायाजाल
📜 कागज़ का मायाजाल: जन्म से मृत्यु तक कागज़ी अस्तित्व 📜 मानव…
सिर्फ पैसा ही गया है न, जान तो नहीं गई
🌿 सिर्फ पैसा ही गया है न, जान तो नहीं गई पतझड़…
खुद से जुड़ना भी बहुत जरुरी है
🧘 खुद से जुड़ना भी बहुत जरुरी है हमें अपने मन की…
सब ठीक हो जायेगा
सब ठीक हो जायेगा हाँ, सही कहा, एक दिन सब कुछ ठीक…
