Toxic Review: Yash का Swag और जबरदस्त Action, फिर भी क्यों अधूरी लगती है फिल्म? जानें कैसी है ‘Toxic’
Toxic Film Review: साउथ सुपरस्टार Yash की फिल्म Toxic को लेकर लंबे समय से जबरदस्त Buzz बना हुआ था। बड़े Star, बड़ा Scale, दमदार Action, शानदार Looks और लंबी Starcast—फिल्म में ऐसा बहुत कुछ है, जिसे देखकर दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। लेकिन लगभग 2 घंटे 55 मिनट की फिल्म देखने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही रह जाता है—क्या ‘Toxic’ वाकई उतनी दमदार है, जितनी इससे उम्मीद की जा रही थी?
अगर सीधी बात करें तो फिल्म में Yash का Swag, Style और Screen Presence खूब नजर आता है, लेकिन कहानी कई जगह उस रफ्तार को पकड़ नहीं पाती। फिल्म कुछ शानदार Moments देती है, मगर पूरी तरह यादगार अनुभव बनाने से चूक जाती है।
Yash की Entry ही बता देती है कि मामला बड़ा है
फिल्म की शुरुआत से ही Yash पर पूरा फोकस नजर आता है। उनका Look, Body Language और Screen Presence दर्शकों का ध्यान खींचता है। खासकर उनका Young अवतार काफी Energetic और Entertaining नजर आता है।
Yash जब स्क्रीन पर आते हैं तो कमजोर लग रहे Scenes में भी जान आ जाती है। उनका Swag फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन यहीं फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी भी सामने आती है।
कई जगह ऐसा लगता है कि कहानी Yash के किरदार को आगे बढ़ाने के बजाय उनके Swag और Action को दिखाने का बहाना बन गई है।
कभी Fight, कभी Romance और कभी Smoking के Stylish Shots—फिल्म में Yash का अंदाज तो भरपूर है, लेकिन कहानी की पकड़ हर जगह उतनी मजबूत नहीं रहती।
Action शानदार, लेकिन कहानी कहां है भाई?
Toxic के कई Action Sequences और Visuals बड़े पर्दे पर प्रभाव छोड़ते हैं। Cinematography भी कई जगह शानदार है। कुछ Frames ऐसे हैं जिन्हें देखकर साफ लगता है कि फिल्म को बड़े पर्दे के लिए ही बनाया गया है।
लेकिन लगातार Stylish Shots और Action के बीच कहानी का Flow कमजोर पड़ जाता है।
एक समय के बाद ऐसा महसूस होने लगता है कि आप पूरी फिल्म नहीं, बल्कि एक लंबा और बेहद महंगा Trailer देख रहे हैं।
फिल्म में बड़े-बड़े Moments तो हैं, लेकिन उनके बीच कहानी को मजबूती से जोड़ने वाला हिस्सा कई जगह कमजोर नजर आता है।
VFX से उम्मीद ज्यादा थी
इतने बड़े Scale की फिल्म से दर्शकों को VFX के मामले में भी काफी उम्मीद रहती है। Toxic में कुछ Visual Effects अच्छे हैं, लेकिन कई जगह वे उस स्तर तक नहीं पहुंचते जिसकी उम्मीद एक बड़े Budget की फिल्म से की जा सकती है।
यानी VFX को खराब नहीं कहा जा सकता, लेकिन ‘वाह!’ वाला Experience भी हर Scene में नहीं मिलता।
BGM और Music ने किया निराश
Action फिल्म में Background Music बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब Hero की Entry हो या कोई बड़ा Action Moment आए, तो BGM Scene का असर कई गुना बढ़ा सकता है।
लेकिन Toxic में यही चीज कई जगह कमजोर महसूस होती है। कुछ बड़े Moments ऐसे हैं जहां ज्यादा दमदार Background Score की कमी खलती है।
Music की बात करें तो फिल्म में ऐसा कोई गाना खास तौर पर याद नहीं रह जाता, जिसे दर्शक Theatre से बाहर निकलते समय गुनगुनाता नजर आए।
Hindi Dialogues कई जगह अटपटे
फिल्म के Hindi Dialogues भी हर जगह प्रभावशाली नहीं लगते। कुछ Dialogues काफी Philosophical हैं, लेकिन कई बार उनका असर Scene की Emotion से मेल नहीं खाता।
कुछ Lines ऐसी हैं जिन्हें सुनकर दर्शक का ध्यान कहानी से हट जाता है। हालांकि यह भी संभव है कि Original Language में इन Dialogues का असर अलग महसूस हो।
Kiara Advani ने छोड़ी छाप
Kiara Advani अपने किरदार में अच्छी लगती हैं। उन्हें फिल्म में जितना Space मिला है, उसमें उन्होंने अपनी Screen Presence बनाए रखी है।
हालांकि यहां भी एक सवाल उठता है कि इतनी बड़ी Starcast होने के बावजूद कई कलाकारों को ज्यादा स्क्रीन टाइम क्यों नहीं मिला?
फिल्म में कई बड़े नाम दिखाई देते हैं, लेकिन उनके किरदार कहानी में उतनी गहराई नहीं ला पाते, जितनी दर्शक उम्मीद कर सकते हैं।
फिल्म का Look शानदार, लेकिन कई चीजें खटकती हैं
Toxic का Overall Visual Look काफी Stylish है। लेकिन कहानी जिस दौर और Gangster World में सेट दिखाई जाती है, वहां कुछ Costumes और Styling कई बार कहानी की दुनिया से अलग नजर आती हैं।
कुछ Female Characters के Outfits देखकर ऐसा लगता है जैसे वे किसी Modern Fashion Show से सीधे फिल्म के सेट पर आ गई हों।
यह चीज कुछ दर्शकों को परेशान कर सकती है और फिल्म की Visual Consistency पर सवाल खड़े करती है।
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Climax में फिर बढ़ती है दिलचस्पी
फिल्म के आखिरी हिस्से में कहानी एक बार फिर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाने की कोशिश करती है। Climax में आने वाला Twist कहानी को थोड़ा संभालता है।
यह Twist हर दर्शक को पसंद आए, ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि फिल्म के अंतिम हिस्से में फिर से यह जानने की उत्सुकता पैदा होती है कि आगे क्या होगा।
Final Verdict: Yash की फिल्म है, लेकिन कहानी उतनी Toxic नहीं!
कुल मिलाकर Toxic की सबसे बड़ी ताकत Yash हैं। उनका Swag, Look, Physique और Screen Presence फिल्म को देखने की बड़ी वजह बनता है।
Cinematography और कुछ Action Sequences भी शानदार हैं। लेकिन दूसरी तरफ कमजोर Storytelling, जरूरत से ज्यादा Action, औसत VFX, कमजोर BGM, याद न रहने वाला Music और कई कलाकारों का कम इस्तेमाल फिल्म को कमजोर बनाता है।