Cyber Crime : 9 Bank Accounts से 72 करोड़ का Cyber Fraud, 7 गिरफ्तार; मास्टरमाइंड की तलाश
Cyber Crime News: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 72 करोड़ रुपये के Cyber Fraud Network से जुड़े मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे 9 Bank Accounts का पता चला है, जिनका संबंध देशभर में दर्ज 121 Cyber Crime Complaints से सामने आया है। अब पुलिस इस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों के जरिए इधर-उधर करने में भूमिका निभाते थे। एक खाते में पैसा आने के बाद उसे दूसरे Bank Account में Transfer किया जाता था और इसके बाद रकम निकाल ली जाती थी। इससे ठगी की रकम को ट्रैक करना मुश्किल बनाने की कोशिश की जाती थी।
9 Bank Accounts से जुड़ी 121 शिकायतें
जांच में सामने आया है कि Cyber Fraud से जुड़े 9 Bank Accounts का कनेक्शन देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज 121 शिकायतों से है। पुलिस के अनुसार, इन शिकायतों में करीब 72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े Transaction की जानकारी सामने आई है।
अब जांच अधिकारी इन बैंक खातों के जरिए हुए ट्रांजैक्शन की पूरी कड़ी को खंगाल रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में पहुंची, कहां से निकाली गई और इस प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।
एक Bank Account से दूसरे में Transfer होती थी रकम
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वीजीएस पासुमार्थी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी साइबर ठगी के नेटवर्क में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, ठगी की रकम किसी Bank Account में आने के बाद उसे दूसरे खाते में Transfer किया जाता था। इसके बाद संबंधित लोगों के जरिए रकम निकाल ली जाती थी।
पुलिस को आशंका है कि इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था और नेटवर्क में शामिल लोगों को अलग-अलग काम सौंपे गए थे। हालांकि, नेटवर्क की पूरी संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
जामताड़ा से कनेक्शन नहीं मिला
साइबर अपराध के मामलों में अक्सर जामताड़ा का नाम सामने आता रहा है। हालांकि, पुलिस के मुताबिक इस मामले की शुरुआती जांच में जामताड़ा से कोई कनेक्शन नहीं मिला है। इसके बावजूद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी आखिर कब से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे।
Mastermind की तलाश में पुलिस
7 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की नजर उस व्यक्ति या समूह पर है, जिसे इस नेटवर्क का कथित Mastermind माना जा रहा है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि नेटवर्क के मुख्य संचालक तक पहुंचा जा सके।
जांच के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस इन सामानों की जांच के जरिए साइबर फ्रॉड की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से 34 बैंक पासबुक, 13 ATM कार्ड, 9 चेकबुक, 6 आधार कार्ड, 2 PAN कार्ड, 4 ड्राइविंग लाइसेंस, 1 ई-श्रम कार्ड और 1 वोटर कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 8 मोबाइल फोन, 1 टैब, 3 UPI स्कैनर, 42 SIM कार्ड और 15 फ्लैश स्टांप भी जब्त किए गए हैं।
बरामद सामान की जांच से पुलिस को बैंक खातों और कथित साइबर नेटवर्क के बीच संबंधों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
पुलिस ने इस मामले में पिंटू मांडी, अरशाल सोरेन, देवब्रत पाल, शोभन सोरेन, दिव्येंदु मल्लिक, अविनाश मांडी और दीपक सरदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इनमें ज्यादातर आरोपी बांकुड़ा जिले के रानीबांध और हिरबांध थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। एक आरोपी ओडिशा के बालेश्वर का बताया गया है।
Victims को वापस कराए 1 करोड़ से ज्यादा रुपये
इस कार्रवाई के बीच बांकुड़ा जिला पुलिस ने Cyber Fraud के Victims को राहत भी दिलाई है। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग मामलों में कुल 1 करोड़ 3 लाख 48 हजार रुपये पीड़ितों को वापस कराने में सफलता मिली है।
पुलिस के मुताबिक, बांकुड़ा साइबर क्राइम थाना क्षेत्र के एक मामले में 1 करोड़ रुपये, गंगाजलघाटी में 1.80 लाख रुपये, कोतुलपुर में 1.18 लाख रुपये और बांकुड़ा थाना क्षेत्र में 50 हजार रुपये वापस कराए गए हैं।
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7 दिन की Police Custody में आरोपी
गिरफ्तार सभी 7 आरोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस पूछताछ के जरिए नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाने और कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
निष्कर्ष
बांकुड़ा पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क की परतें खुलती नजर आ रही हैं। 9 बैंक खातों से जुड़ी 121 शिकायतें और करीब 72 करोड़ रुपये की कथित ठगी ने जांच को गंभीर बना दिया है। 7 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड और इससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना है। पुलिस की आगे की जांच से इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क के बारे में और अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।