Jharkhand News: झारखंड में कांग्रेस का राज्यव्यापी प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
रांची: मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को राजधानी रांची समेत विभिन्न जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। रांची में कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
कांग्रेस ने अपने इस आंदोलन को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, नाम हटाने और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया से जुड़े सवालों से जोड़ा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक के मताधिकार पर असर न पड़े।
रांची में निर्वाचन आयोग कार्यालय का घेराव
राजधानी रांची में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों और संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए और उनका पुतला दहन किया।
प्रदर्शन में महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष अरुण चावला, चुटिया प्रखंड अध्यक्ष प्रशांत गौरव, कोयलांचल स्टील कामगार यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपेश पाठक, विकास सिंह और महेश राय समेत कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जिला मुख्यालयों पर भी कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस की ओर से राज्य के अलग-अलग जिला मुख्यालयों पर भी विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
प्रदेश कांग्रेस ने इससे पहले 28 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और रांची में निर्वाचन आयोग के कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की थी। इसी क्रम में राज्यभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
मतदाता सूची और SIR को लेकर कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के साथ-साथ पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलत तरीके से नाम हटाए जाने की आशंका और नामों में सुधार की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेताओं ने इन्हीं मुद्दों को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आंदोलन किया।
कांग्रेस के आरोपों पर क्या ध्यान रखना जरूरी है?
इस पूरे मामले में कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और उठाए गए सवाल पार्टी के राजनीतिक दावे हैं। निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े विवादों पर संबंधित संस्थाओं तथा अन्य पक्षों का अलग पक्ष हो सकता है। इसलिए मामले को समझने के लिए सभी संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब और उपलब्ध तथ्यों को भी देखना जरूरी है।
फिलहाल झारखंड में कांग्रेस के इस राज्यव्यापी प्रदर्शन ने मतदाता सूची, SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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