JPSC-JSSC विवाद में बड़ा एक्शन: पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार, 2 करोड़ के कथित लेन-देन की जांच तेज
JPSC-JSSC विवाद में बड़ा एक्शन: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुई इस गिरफ्तारी को जांच का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
एल खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब जांच एजेंसी JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से भी पूछताछ कर रही है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और संभावित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
एल खियांग्ते के खिलाफ जांच इससे पहले भी आगे बढ़ाई गई थी। जांच एजेंसी ने उनके आवास समेत उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच की गई थी।
अब गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के सामने मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने की चुनौती है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की भी जांच
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस रकम और इसके लेन-देन को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन के साथ-साथ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसका परीक्षा प्रक्रिया से कोई संबंध था या नहीं। मामले में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और लोगों से पूछताछ या कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में छात्रों का आंदोलन
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर झारखंड में छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
एल खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद छात्रों के आंदोलन और परीक्षा विवाद को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर है।
आगे बढ़ सकती है जांच
पूर्व JPSC चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। इसके अलावा कथित वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी को समझने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल, एल खियांग्ते की गिरफ्तारी ने JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित 2 करोड़ रुपये के लेन-देन का परीक्षा विवाद से क्या संबंध है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।