Palamu BJYM Protest: JPSC में पारदर्शिता की मांग पर Palamu में भाजयुमो का मशाल जुलूस, आज Ranchi में महाघेराव
Palamu: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। 22 जुलाई को Ranchi स्थित JPSC कार्यालय के प्रस्तावित महाघेराव से पहले मंगलवार शाम Palamu में मशाल जुलूस निकालकर युवाओं ने सरकार और आयोग तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की। छहमुहान चौक से निकले इस जुलूस में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में मशाल और नारों के साथ उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग उठाई।
भाजयुमो नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए है। संगठन ने राज्यभर के युवाओं से Ranchi पहुंचकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।
युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं : डॉ. विपुल गुप्ता
भाजयुमो Palamu जिलाध्यक्ष डॉ. विपुल गुप्ता ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों का JPSC जैसी संवैधानिक संस्था पर विश्वास कायम रहे।
उन्होंने कहा कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर ही युवाओं को अवसर मिलना चाहिए। यदि भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठते हैं तो इससे पूरी चयन व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के समर्थन में आंदोलन
भाजपा Palamu जिलाध्यक्ष डॉ. अमित तिवारी ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि राज्य के लाखों युवाओं के हितों की रक्षा के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के मन में चयन प्रक्रिया को लेकर कोई संदेह न रहे।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे 22 जुलाई को Ranchi में आयोजित लोकतांत्रिक महाघेराव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी आवाज मजबूती से उठाएं।
उत्तर पुस्तिकाएं सार्वजनिक करने की मांग
भाजयुमो के प्रदेश मंत्री विश्वजीत पाठक ने कहा कि यदि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है तो मुख्य परीक्षा की स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) सभी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही मूल्यांकन, मॉडरेशन और मेरिट सूची तैयार करने की पूरी प्रक्रिया भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इससे अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे संदेह दूर होंगे और आयोग की विश्वसनीयता और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में अभ्यर्थियों को सूचना का अधिकार (RTI) और न्यायालय का सहारा लेना पड़ता है, जो व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाता है।
पुरानी परीक्षाओं के विवादों का भी जिक्र
भाजयुमो नेताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से JPSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। उन्होंने 7वीं से 10वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परीक्षाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं।
संगठन के अनुसार, 7वीं से 10वीं JPSC परीक्षा में 54 OMR शीट से जुड़ा विवाद सामने आया था। बाद में न्यायालय के निर्देश पर आयोग को संशोधित प्रारंभिक परीक्षा परिणाम जारी करना पड़ा। वहीं 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में आयु सीमा को लेकर विवाद हुआ, जिसके चलते आवेदन प्रक्रिया में बदलाव करना पड़ा। परिणाम जारी होने के बाद भी मूल्यांकन और चयन प्रक्रिया को लेकर कई अभ्यर्थियों ने आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनमें से कुछ मामले अभी भी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता
मशाल जुलूस में भाजपा और भाजयुमो के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अमित तिवारी, विभाकर नारायण पांडे, शिव कुमार मिश्रा, विश्वजीत पाठक, आशीष भारद्वाज, राजीव रंजन, शैलेश सिंह, सरवन गुप्ता, लवली गुप्ता, छोटू सिन्हा, विवेक चौबे, रीना किशोर, संजय कुमार, दीप्ति नवल, जितेंद्र तिवारी, रूद्र सिंह, अंकित, ललिता सहाय, शुभम गुप्ता, छोटू सिंह, राहुल अग्रवाल, ओम प्रकाश दुबे, दीपक सिंह और चंद्रकांत सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आज Ranchi में महाघेराव पर सबकी नजर
अब सबकी निगाहें 22 जुलाई को Ranchi स्थित JPSC कार्यालय के प्रस्तावित महाघेराव पर टिकी हैं। भाजयुमो का दावा है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा। संगठन का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बने, ताकि झारखंड के युवाओं का भरोसा JPSC पर फिर से मजबूत हो सके।
अब देखना होगा कि आयोग और राज्य सरकार युवाओं की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
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